संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। तत्कालीन तहसीलदार समेत आठ आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। मामला 2014 का बताया जा रहा है। इस संबंध में चंदाना गांव निवासी व्यक्ति ने शिकायत दी है, जिसमें बताया गया कि आरोपियों ने धोखाधड़ी और गैर कानूनी तरीके से उसके पिता के प्लॉट पर कब्जा कर लिया है।
चंदाना गांव निवासी यशपाल ने सिविल लाइन थाने में शिकायत दी है। इसमें बताया कि उसके पिता स्वर्गीय रति राम ने सुभाष मार्केट में सचिवालय के सामने करनाल रोड कैथल पर एक प्लॉट एक मार्च 2002 को सेक्टर-19 निवासी सतीश कुमार से खरीदा था। 2012 से इसका इंतकाल भी उसके पिता के नाम दर्ज है। जुलाई-2014 में उसके पिता का देहांत हो गया।
पिछले महीने जब वह उनके कागज व रजिस्ट्री के अनुसार, मार्केट में दुकान देखने गए तो पाया कि कानूनगो मोहल्ला निवासी शिमला रानी, मदन लाल, अनीता व स्वीन गुप्ता इस प्लॉट पर दुकान बनाकर काबिज हैं।
इसके बाद उसने राजस्व रिकॉर्ड की गहनता से जांच की तो पाया कि एक नियोजित साजिश के तहत अमरगढ़ गामड़ी निवासी दयापती और गौरव गुप्ता ने गैर-अधिकृत होते हुए भी तत्कालीन तहसीलदार रोशन लाल के साथ मिलकर 23 अप्रैल 2014 को आरके पुरम कॉलोनी निवासी नीरू गुलाटी के नाम इसकी रजिस्ट्री करवा दी। रजिस्ट्री के अनुसार, दयापती सामने की लाइन में अन्य प्लॉट की मालिक थी। इसके बाद 22 दिसंबर 2020 को नीरू गुलाटी ने इस प्लॉट को शिमला रानी, मदन लाल, अनिता व स्वीन गुप्ता को बेच दिया जो वर्तमान में काबिज हैं। शिकायत में बताया गया कि उपरोक्त सभी व्यक्तियों ने गैर-कानूनी तरीके से प्लॉट पर कब्जा कर उसके साथ धोखाधड़ी की है।