कुरुक्षेत्र। जिले में करीब आठ लाख मतदाताओं के रिकॉर्ड की जांच और अपडेट के लिए प्रशासन 15 जून से विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान शुरू करने जा रहा है। इसके तहत बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे, नए वोट बनाए जाएंगे और जरूरत पड़ने पर बूथों का फेरबदल भी किया जाएगा। लघु सचिवालय में सोमवार को आयोजित बैठक में उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी विश्राम कुमार मीणा ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और पत्रकारों को इस पूरी प्रक्रिया की विस्तार से जानकारी दी। बैठक के दौरान चुनाव शाखा के अधिकारी भी मौजूद रहे।
उपायुक्त ने बताया कि जिले के सात लाख 83 हजार 976 मतदाताओं का 15 जून से 14 जुलाई तक विशेष गहन पुनरीक्षण किया जाएगा। यह प्रक्रिया ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से चलेगी। बीएलओ हर घर तक पहुंचेंगे और मतदाताओं से जरूरी फार्म भरवाएंगे। लोग खुद भी फार्म जमा कर सकते हैं, जबकि राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट भी इसमें सहयोग करेंगे। इस बार सबसे ज्यादा चर्चा पुराने वोट रिकॉर्ड को लेकर रही।
प्रशासन के मुताबिक जिन मतदाताओं का वोट वर्ष 2002 में बना था, उन्हें उस समय का रिकॉर्ड देना होगा, जबकि 2002 के बाद वोट बनवाने वालों को अपने माता-पिता या दादा-दादी से जुड़ी जानकारी फार्म में भरनी होगी। बाहर रहने वाले मतदाताओं के परिवारजन भी यह फार्म जमा करवा सकेंगे। बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि 30 जून तक 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले युवा एक जुलाई से नया वोट बनवाने के पात्र होंगे। इसके लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा ताकि ज्यादा से ज्यादा नए मतदाता सूची में जुड़ सकें। प्रशासन ने इस बार बूथों के पुनर्गठन की भी तैयारी कर ली है। जिले में 1200 से ज्यादा वोटरों वाले 176 बूथ चिन्हित किए गए हैं। इनमें से 101 बूथों के कुछ मतदाताओं को नजदीकी बूथों में शिफ्ट किया जाएगा, जबकि 75 नए बूथ बनाने की योजना है। अधिकारियों का कहना है कि इससे मतदान केंद्रों पर भीड़ कम होगी और मतदान प्रक्रिया सुचारू बनेगी।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने बताया कि पांच से 14 जून तक बीएलओ की विशेष ट्रेनिंग होगी। उन्हें सिखाया जाएगा कि किस मतदाता से कौन सा फार्म भरवाना है और किस प्रकार रिकॉर्ड की जांच करनी है। मतदाता सूची को लेकर आपत्तियों और दावों के लिए भी पूरा शेड्यूल तय कर दिया गया है। 21 जुलाई को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट प्रकाशित होगी, जबकि 20 अगस्त तक दावे और आपत्तियां दर्ज करवाई जा सकेंगी। इसके बाद सुनवाई कर 22 सितंबर को अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी। बैठक में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से भी सहयोग मांगा गया। प्रशासन ने सभी पार्टियों से बूथ लेवल एजेंट नियुक्त करने को कहा है, ताकि मतदाता सूची में डबल वोट, छूटी हुई वोट या परिवारों के अलग-अलग बूथों में बंटे नामों जैसी गड़बड़ियों को ठीक किया जा सके। उपायुक्त ने कहा कि इस अभियान को सफल बनाने के लिए आरडब्ल्यूए, सरपंचों और पार्षदों की भी मदद ली जाएगी। किसी भी प्रकार की जानकारी या शिकायत के लिए नागरिक चुनाव आयोग के टोल फ्री नंबर 1950 पर संपर्क कर सकते हैं। संवाद