संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। पहाड़ी इलाकों में हो रही बर्फबारी का असर मैदानी इलाकों में साफ दिख रहा है। ऐसे में अब शीतलहर चलने के कारण जिले में कंपकंपाने वाली ठंड शुरू हो चुकी है और ठंड का असर लगातार बढ़ रहा है। अब जिले में न्यूनतम तापमान भी सात डिग्री पर आ चुका है। पिछले एक सप्ताह में अधिकतम तापमान भी लगातार गिरावट आई है।
मौसम का असर है कि शीत हवाओं का असर काफी अधिक हो गया है। इससे लोगों की कंपकंपी छूटने लगी है। वीरवार को मौसम में काफी ठंडक थी और ठिठुरन भी ज्यादा रही। बाहरी इलाकों में कोहरा छाया हुआ था और सड़कों पर लोग अलाव तापकर राहत लेते दिखाई दिए। पारा लुढ़कने से गलन काफी हद तक बढ़ गई है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के तहत अब शुक्रवार और शनिवार को बारिश की संभावना है।
बुधवार को अधिकतम तापमान 18 डिग्री दर्ज किया गया था, जो वीरवार को दो डिग्री और गिरकर 17 डिग्री हो गया। 24 घंटों के अंदर आठ डिग्री पारा गिरने से जिले में ठंड बढ़ गई है। वीरवार को अधिकतम तापमान 17.1 डिग्री और न्यूनतम तापमान 7.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया है। ठंडी हवाओं ने लोगों की कंपकंपी छुड़ा दी है। आगामी दिनों में ठंड और बढ़ने के आसार, अलाव सहारा बन रहे हैं। हाईवे पर वाहन धीमी रफ्तार से गुजरते रहे। दूसरी ओर बढ़ती ठंड से गेहूं उत्पादक खुश नजर आ रहे हैं। बढ़ती ठंड गेहूं का उत्पादन बढ़ाने के लिए वरदान का काम करेगी। किसानों का कहना है कि ठंड से गेहूं का पौधा ऊपर जाने की बजाय फुटाव अधिक करेगा, जिससे अच्छी पैदावार होने की संभावना बढ़ गई है।
कृषि विज्ञान केंद्र के मुख्य समन्वयक डॉ. रमेश चंद्र भारद्वाज ने बताया कि आगामी दो दिन तक बारिश होने का अनुमान है। इससे अधिकतम और न्यूनतम तापमान लगातार घटने की संभावना है। बच्चों व बुजुर्गों का खास ध्यान रखने की जरूरत भी है। वीरवार को अधिकतम तापमान 17.1 डिग्री और न्यूनतम तापमान 7.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।