संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। समग्र शिक्षा अभियान के तहत शिक्षा दीक्षा कार्यक्रम की शुरुआत की गई है। इस कार्यक्रम में पूरे जिले के स्कूलों में व्यवस्थाओं को जांचा जाएगा। इसकी पूरी जांच का जिम्मा जिला परियोजना संयोजक सरोज दहिया को सौंपा गया है। टीम में शामिल अधिकारियों की ओर से सुबह के समय होने वाली प्रार्थना सभा से लेकर स्कूल के अवकाश तक हर एक गतिविधि को बारीकी से जांचा जाएगा।
सहायक परियोजना संयोजक कुशल पाल शर्मा ने बताया कि इस कार्यक्रम के तहत पर्यवेक्षण अधिकारी पूरा दिन एक ही विद्यालय में गुजारेंगे। उन्होंने बताया कि प्रत्येक विद्यालय में प्रत्येक अध्यापक के अध्यापन कार्यों का पर्यवेक्षण विद्यार्थियों के लर्निंग लेवल का पर्यवेक्षण, कक्षा में पढ़ाई गए विषय में उप विषयों का पर्यवेक्षक व कक्षा अनुरूप शिक्षण ग्रहण कर रहे विद्यार्थियों की जांच अति आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि जैसे कि फाउंडेशन लिटरेसी एंड न्यूमैरेसी कार्यक्रम के तहत बाली वाटिका जैसे प्रोजेक्ट की प्रगति में सहायता मिल सके। इसके अलावा विद्यालयों में दी गई विभिन्न ग्रंथ, सिविल वर्क, अध्यापकों की उपस्थिति, मिड डे मील का भी पर्यवेक्षण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि राज्य के सभी प्राथमिक विद्यालयों में मिशन निपुण जैसा अति महत्वपूर्ण मार्कशीट कार्यक्रम संचालित है तथा इसके तहत बाल वाटिका कक्षाएं भी चल रही है। इनमें प्रदेश में 80 हजार से अधिक विद्यार्थी शिक्षण ग्रहण कर रहे हैं। निपुण कार्यक्रम की सफलता के मध्य नजर पिछले साल भी हरियाणा सरकार द्वारा फाउंडेशन लिटरेसी एंड न्यूमैरेसी का विस्तार करके कक्षा चौथी और पांचवीं पर भी इसे लागू कर दिया गया है इसलिए राज्य के सभी प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षा दीक्षा जैसा पर्यवेक्षक कार्यक्रम अति आवश्यक है।
टीम के अधिकारी ये करेंगे पर्यवेक्षण ः आदेशों में लिखा गया है कि टीम के अधिकारी सर्वप्रथम प्रार्थना सभा का अवलोकन करेंगे। इसके उपरांत में अध्यापकों से कार्यक्रम बारे चर्चा तथा पर्यवेक्षक को लेकर आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए जाएंगे। इसके बाद अधिकारियों द्वारा कक्षा वार स्किल पासबुक का अवलोकन किया जाएगा।
स्किल का मूल्यांकन तथा लर्निंग आउटकम का अवलोकन किया जाएगा। इसके साथ ही वह अध्यापकों के कक्षा में पढ़ने के तरीके पाठ्य पुस्तकों कार्य पुस्तकों तथा अन्य सामग्री का वितरण मिड डे मील योजना का पर्यवेक्षण बाल वाटिका ग्रेड आदि का अवलोकन। विभिन्न आयोजन जैसे निपुण, रामलीला, पहाड़े प्रतियोगिता, रफ्तार कार्यक्रम आदि का निरीक्षण करेंगे।
इसके साथ ही में साइन के समय एसएमसी सदस्यों अभिभावकों ग्राम पंचायत सरपंच या एमसी से बातचीत करते हुए दाखिला पाठ्य पुस्तक के तथा विद्यालय के विकास के बारे में बातचीत कर मूल्यांकन करेंगे। अंत में वे बाद में स्कूल स्टाफ के साथ मीटिंग करते हुए उनके सुझाव या उपचार के बारे में भी जानकारी देंगे।
जिला परियोजना संयोजक सरोज दहिया ने बताया कि समग्र शिक्षा अभियान के तहत शिक्षा दीक्षा कार्यक्रम की शुरुआत की गई है। यह अभियान बच्चों में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने में सहायक साबित होगा।