शिक्षा विभाग ने चार वर्षों से लचर हालात में चल रही व्यवस्थाओं को नए शैक्षणिक सत्र में मजबूती देने का निर्णय लिया है। विभाग की ओर से जिले के 32 राजकीय स्कूलों में 193 नए कमरों का निर्माण कराएगा। इसके लिए विभाग के मुख्यालय से स्वीकृति मिल गई है। विभाग के इस निर्णय के तहत स्कूलों में जर्जर हो चुके पुराने कमरों को गिराकर उनके स्थान पर नए कमरों का निर्माण करवाएगा। इससे जहां विद्यार्थियों को कक्षाओं के बैठने के लिए छत मिलेगी, वहीं कमरों की कमी की परेशानी भी दूर हो जाएगी।
शिक्षा विभाग ने अनुमति मिलने के बाद पुराने और जर्जर हालात में बिना प्रयोग के खाली पड़े कमरों को तोड़ने की भी अनुमति दी है। अब अधिकारियों को केवल बजट आने का इंतजार है जो अप्रैल माह के अंत तक विभाग के पास पहुंचने का अनुमान है। सीवन खंड को छोड़कर अन्य सभी खंडों में जरूरत के अनुसार स्कूलों में कमरों का निर्माण करवाया जाएगा।
गौरतलब है कि कोरोना महामारी के चलते वर्ष 2019 के अंत से लेकर अब तक विभाग की ओर से स्कूलों में कोई बड़ा कार्य नहीं हो पाया है। इसका एक कारण तो ये रहा है कि कोरोना काल में बच्चों की कक्षाएं ज्यादातर ऑनलाइन ही लगी। दूसरा विभाग को बजट उपलब्ध नहीं हो पाया, जिससे इस प्रकार का निर्माण कार्य शुरू करवाया जा सके। अब कक्षाएं ऑफलाइन होने के कारण स्कूलों में कमरों की जरूरतें बढ़ी हैं। इस संबंध में समग्र शिक्षा अभियान के जिला परियोजना अधिकारी रामनिवास शर्मा ने कहा कि अप्रैल माह के अंत तक कमरों के निर्माण के लिए बजट मिलना संभावित है। बजट आते ही तुरंत काम शुरू करवाया जाएगा। जल्द से जल्द उसे पूरा करवाने का प्रयास रहेगा, ताकि इसी सत्र में विद्यार्थियों को इनका लाभ मिल सके।