कैथल। जिले के स्कूलों के विद्यार्थियों के बारे में अब अभिभावकों को पूरी जानकारी होगी। निदेशक मौलिक शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश के सभी स्कूलों में ‘शिक्षा सेतु’ दिए गए हैं।
यह ‘शिक्षा सेतु’ प्रदेश के प्रत्येक स्कूल व प्रत्येक विद्यार्थी को दिया जाएगा। जिसमें विद्यार्थियों के बारे में संपूर्ण जानकारी दी जाएगी। ‘शिक्षा सेतु’ में विद्यार्थियों के बैंक अकाउंट की जानकारी, योजनाओं का लाभ, खेलों की उपलब्धि, कक्षा में प्राप्त अंक, वर्ष में होने वाली छुट्टियों से संबधित पूरी जानकारी ‘शिक्षा सेतु’ में होगी। इसमें विद्यार्थियों को पुराना व नया रिकार्ड भरा जाएगा। जिस पर कक्षा के अध्यापक व विद्यालय के प्रधानाचार्य के हस्ताक्षर होंगे। जिल के करीब 632 स्कूलों के करीब एक लाख 70 हजार से अधिक विद्यार्थियों को ‘शिक्षा सेतु’ वितरित किए जाएंगे। यह कार्य सीवन, गुहला-चीका, कैथल और पूंडरी में शुरू हो चुका है।
जिला परियोजना अधिकारी सुरेंद्र मोर ने बताया कि इसके माध्यम से अभिभावकों को अपने बच्चों के बारे में पूर्ण जानकारी होगी। ‘शिक्षा सेतु’ में बच्चों की उपलब्धियों के बारे में विस्तार से जानकारी मिलेगी। वहीं, अभिभावक यह जान सकते हैं कि कक्षा पहली से बारहवीं में पढ़ने वाले विद्यार्थी को किस सत्र तक का ज्ञान होना अनिवार्य है। ‘शिक्षा सेतु’ के अंदर कक्षा पहली के विद्यार्थियों के गणित के पहाड़े दिए हैं।
इसी प्रकार कक्षा दूसरी ओर, बारहवीं तक के विद्यार्थियों के लिए अलग-अगल विषय के अनुसार ज्ञान निर्धारित किया गया है। जिसके माध्यम से अभिभावक यह पता लगा सकते हैं कि उनके बच्चा किस कक्षा में है और उसका शिक्षा में किस-किस विषय के बारे में कितना ज्ञान होना अनिवार्य है। ‘शिक्षा सेतु’ में वर्ष में होने वाली छुट्टियों व मासिक रिपोर्ट के बारे में भी जानकारी होगी। उन्होंने बताया कि गुहला-चीका, कैथल, सीवन में शिक्षा सेतु बांटने का कार्य आरंभ हो चुका है। जिले के करीब 632 स्कूलों में करीब एक लाख 70 हजार विद्यार्थियों को ‘शिक्षा सेतु’ दिए जाएंगे।
क्या है ‘शिक्षा सेतु’
शिक्षा विभाग सभी स्कूलों के बच्चों को एक बुकलेट देगा। जिसे ‘शिक्षा सेतु’ का नाम दिया गया है। इस बुकलेट में विद्यार्थी के बैंक खाते, कक्षा रिपोर्ट, पिछले वर्ष में प्राप्त अंक, खेल, सांस्कृतिक कार्यक्रम और वर्ष में होने वाली छुट्टियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी।