कैथल। शिक्षा विभाग ने सात से 14 साल तक उम्र के बच्चे जो कभी विद्यालय नहीं गए या किन्हीं कारणों से शिक्षा को छोड़ देते हैं, उनका सर्वेक्षण कर समग्र शिक्षा अभियान के तहत शिक्षित किया जा रहा है। इन बच्चों कक्षाएं नौ माह तक लगेंगी। इसके लिए एक लाख रुपये का बजट भी जारी हुआ है।
इन विशेष केंद्रों में इन बच्चों के शिक्षा स्तर को बढ़ाने के लिए जून की छुट्टियाें में भी बच्चों को पढ़ाया जाएगा। इनकी शिक्षा के लिए सात शिक्षा स्वयंसेवक लगाए हैं। प्रत्येक दिन सुबह साढ़े सात से सुबह साढ़े 11 बजे तक कक्षा लगाई जाती है।
जिले में आउट ऑफ स्कूल के बच्चों के लिए 13 केंद्र बनाए जाएंगे। इनमें से सात केंद्र विभाग की ओर से शुरु कर दिए हैं। एक केंद्र पर 12 से 35 बच्चों को पढ़ाया जाता है। समग्र शिक्षा अभियान के जिला परियोजना संयोजक सुरेंद्र आर्य ने कहा कि जिले में सात केंद्रों में आउट ऑफ स्कूल के बच्चों की पढ़ाई शुरू हो गई है। इन कक्षाओं का उद्देश्य बच्चों का मानसिक व बौद्धिक विकास करना है।
इन सात जगहों पर केंद्र शुरू
राजकीय प्राथमिक पाठशाला देवीगढ़, जीपीएस मुन्नारेहड़ी, जीपीएस हुडा, जीपीएस जाखौली अड्डा, जीजीपीएस पूंडरी, जीपीएस हुड्डा, जीपीएस ढांड में सेंटर खोले हैं। इन केंद्रों पर बच्चों को अपनी प्रतिभा निखारने का भी मौका दिया जाता है।
बच्चे अपनी रुचि के अनुसार जैसे गाना, बजाना, क्लेमॉडलिंग, नृत्य, खेल-खेल में पढ़ाई करवाई जाती है ताकि उनका मानसिक व बौद्धिक विकास हो सके।