संवाद न्यूज एजेंसी
राजौंद। सावन के दूसरे सोमवार को मंदिरों में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। इस दौरान हर-हर महादेव के जयकारे गूंजते रहे।
सुबह चार बजे ही श्रद्धालु मंदिरों में शिवलिंग पर जल चढ़ाने के लिए पहुंचने शुरू हो गए थे। उन्होंने भगवान शिव को जल चढ़ाकर नगर व घर की सुख शांति की कामना की। श्रद्धालुओं ने सावन माह के तीसरे सोमवार को भगवान शिव के मंदिर में भोलेनाथ की महिमा का गुणगान किया। पंडित संजय शर्मा ने बताया कि श्रावण मास में शिव की पूजा का विशेष महत्व है। सावन माह में सोमवार के व्रत रखने का बहुत अधिक फल मिलता है। सावन में भगवान भोले नाथ सबकी मनोकामना पूर्ण करते हैं। उन्होंने बताया कि जो भक्त सावन के सोमवार के व्रत रखते हैं भोले नाथ उनकी मनोकामना अवश्य पूरी करते हैं। इस दौरान श्रद्धालुओं को शिव की महिमा के बारे में जानकारी दी गई।
चंद्रमा के नियंत्रक भगवान शिव हैं : महंत लक्ष्मी
सीवन। सावन के सोमवार बहुत ही खास माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन जप, तप और ध्यान करना बहुत अच्छा होता है। सोमवार का दिन चंद्र ग्रह का होता है और चंद्रमा के नियंत्रक भगवान शिव हैं। इस दिन पूजा करने से न केवल चंद्रमा, बल्कि भगवान शिव की कृपा भी मिल जाती है। उपरोक्त विचार महंत लक्ष्मी नारायण पुरी ने सीवन में नित्यम के निवास पर आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम में व्यक्त किए। इस अवसर पर अशोक, राम रतन सैनी, चंद्रभान सैनी, सुमन, शालिनी, अदिति, गुलशन व अन्य श्रद्धालु मौजूद रहे। संवाद