संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिला परिषद कार्यालय में कार्यरत स्टोर लिपिक दीपक कुमार की प्रतिनियुक्ति रद्द होने के बावजूद उनकी ड्यूटी को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। पंचायत विभाग मुख्यालय ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी से एक सप्ताह में रिपोर्ट मांगी है।
सूत्रों के अनुसार पंचायत विभाग मुख्यालय ने 30 अगस्त 2024 को दीपक कुमार की प्रतिनियुक्ति रद्द कर दी थी। इसके बाद तत्कालीन जिला परिषद मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने 5 सितंबर 2024 को उन्हें कार्यभार से मुक्त कर दिया था। इसके बावजूद दीपक कुमार ने विभागीय आदेशों की अवहेलना करते हुए एडीसी कार्यालय फरीदाबाद में जॉइन नहीं किया और अब तक कैथल जिले में ही ड्यूटी कर रहे हैं।
पंचायत विभाग के मुख्यालय ने अपने पत्र में पूछा है कि जब कर्मचारी को कार्यभार से मुक्त करने के निर्देश दिए गए थे, तो फिर उन्हें अतिरिक्त ड्यूटी किस आधार पर दी गई? इस पर अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए एक सप्ताह के भीतर जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं।
इस पूरे मामले की शिकायत हरसौला निवासी अनिल कुमार ने सरकार को की थी। अब इस पर जिला प्रशासन और पंचायत विभाग की अगली कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।
इस संबंध में एडीसी दीपक बाबूलाल कारवा ने बताया कि सीईओ सुशील कुमार के छुट्टी पर जाने के बाद अभी कुछ दिन पहले ही उनके पास चार्ज आया है। जिला परिषद कार्यालय में कार्यरत स्टोर लिपिक दीपक कुमार को काफी समय पहले रिलीव किया जा चुका। उसकी किसी भी प्रकार की कोई सैलरी भी जारी नहीं जा रही। एडीसी दीपक बाबूलाल कारवा ने बताया कि उसने आगे ज्वाइन किया या नहीं इस बारे में एडीसी ऑफिस फरीदाबाद ही बता सकता है।