कैथल। हरियाणा पुलिस के कर्मचारी सुनील संधू की ओर से सोशल मीडिया पर की गई भावुक पोस्ट मामले में नशा मुक्ति टीम में शामिल अन्य कर्मचारियों से पूछताछ नहीं हो पाई। डीएसपी गुहला कुलदीप बेनीवाल इस पूरे मामले की जांच कर रहे हैं, जिनकी लॉ एंड ऑर्डर में ड्यूटी होने के कारण पूछताछ नहीं हुई। सुनील संधू ने अपने आधिकारिक फेसबुक अकाउंट पर एक भावुक पोस्ट लिखी, जिसमें उन्होंने डीएसपी कलायत ललित यादव पर गंभीर आरोप लगाए। पोस्ट में उन्होंने कहा कि उन्हें झूठे केस में फंसाने की धमकी दी जा रही है और मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है। संधू ने लिखा कि वे नशे के खिलाफ अभियान चला रहे थे और प्रशासन के निर्देश पर कार्रवाई कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें लगातार “मेंटली डिस्टर्ब” किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि एक उच्च अधिकारी ने उन्हें झूठे केस, यहां तक कि स्मैक बेचने जैसे गंभीर आरोप में फंसाने की धमकी दी है।
पोस्ट में सुनील संधू ने अपने परिवार का जिक्र करते हुए लिखा कि उनके छोटे-छोटे बच्चे हैं और वे इस पूरे घटनाक्रम से काफी तनाव में हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने सेवा काल में कभी रिश्वत नहीं ली और न ही किसी का बुरा चाहा। उन्होंने लिखा कि वे सच का साथ दे रहे हैं और किसी के दबाव में झूठ नहीं बोल सकते।
संधू ने युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील की और कहा कि वे हमेशा नशा बेचने वालों के खिलाफ अभियान चलाते रहे हैं। उन्होंने यह भी लिखा था कि यदि उनसे कभी किसी का दिल दुखा हो तो उन्हें माफ किया जाए। सुनील संधू की यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई है। कई लोगों ने उनकी पोस्ट पर चिंता जताई और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
पुलिस जांच में जुटी
पुलिस प्रवक्ता प्रवीन श्योकंद ने बताया कि बुधवार को गुहला डीएसपी कुलदीप बेनिवाल की लॉ एंड ऑर्डर में ड्यूटी रही, जिस कारण कर्मचारियों से पूछताछ नहीं हो पाई। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जल्द ही कर्मचारियों से पूछताछ की जाएगी।