कैथल। सरकार ने इस बार धान ना लगाने पर प्रति एकड़ सात हजार रुपये देने का ऐलान किया है। लेकिन पिछले साल धान के अवशेष ना जलाने पर एक हजार रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि देने का जो ऐलान किया गया था, यह राशि आज तक नहीं दी गई। गांव रसूलपुर निवासी जयपाल द्वारा कृषि एवं किसान कल्याण विभाग से आरटीआई के तहत सूचना मांगी गई। सूचना में खुलासा हुआ कि इन किसानों ने अपने खेतों से अवशेष उठवाने के लिए करीब 800 से लेकर एक हजार रुपये प्रति एकड़ तक खर्च किया था। कृषि विभाग ने पूरे जिले के किसी भी किसान को प्रोत्साहन राशि नहीं देने की बात कही है।
वहीं अवशेष जलाने पर कितने किसानों पर कार्रवाई हुई और कितनी राशि विभाग ने वसूल की। इस पर विभाग का जवाब था कि जिले के 151 किसानों पर एफआईआर करवाई गई और इनमें से 148 किसानों से प्रति एकड़ 2500 रुपये की राशि जुर्माने के रूप में वसूली गई। इसके अनुसार किसानों से कुल तीन लाख 75 हजार रुपये वसूल किए गए।
वापस सरकारी खजाने में गई राशि
आरटीआई से प्राप्त जानकारी के अनुसार सरकार द्वारा अवशेष नहीं जलाने वाले किसानों को प्रति एकड़ 1000 रुपये प्रोत्साहन राशि देने के लिए जिले में 10 लाख रुपये भेजे गए थे। यह राशि भी अधिकारियों और किसानों के बीच पूर्ण रूप से तालमेल न होने के कारण वापस सरकारी खजाने में चली गई। किसानों को इसका कोई लाभ नहीं मिला। जयपाल ने सरकार से यह मांग भी की कि फसल अवशेष नहीं जलाने वाले किसानों को सरकार प्रोत्साहन राशि जल्द दे और वंचित रखने वालों पर आवश्यक कार्रवाई करे।
उप कृषि निदेशक डॉ. कर्मचंद ने बताया कि बोर्ड की तरफ से केस की फाइल व जे फार्म के साथ आवेदन करना था। विभाग वेरिफाई किसानों को राशि देने के लिए तैयार था। सरकार की तरफ से 10 लाख रुपये आए थे, कोई आवेदन नहीं मिला तो राशि वापस भेजी गई।