संवाद न्यूज एजेंसी
राजौंद। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत असंध क्षेत्र के राणा निवास पर एक जागरूकता बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता डॉक्टर संदीप सिंह ने की, जिसमें एएनएम सहित सभी आशा वर्करों ने भाग लिया। बैठक में गिरते लिंग अनुपात पर गहरी चिंता जताई गई और समाज से बेटियों को समान सम्मान देने की अपील की गई।
डॉ. संदीप सिंह ने कहा कि गिरता हुआ लिंग अनुपात समाज के लिए गंभीर चुनौती है, जिस पर सामूहिक रूप से ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि आज की बेटियां हर क्षेत्र में बेटों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कार्य कर रही हैं और अपने माता-पिता तथा देश का नाम रोशन कर रही हैं। बेटियां किसी भी रूप में बेटों से कम नहीं हैं।
बैठक के उपरांत शिवानी राणा परिवार में बेटी के जन्म की खुशी को सामाजिक संदेश के रूप में मनाया गया। परिवार ने ढोल-नगाड़ों के साथ बेटी के आगमन का स्वागत किया। इस दौरान घर में उत्सव जैसा माहौल रहा और उपस्थित लोगों ने बेटी के जन्म पर एक-दूसरे को बधाइयां दीं।
लोगों को संबोधित करते हुए डॉ. संदीप सिंह ने कहा कि यदि समाज में हर व्यक्ति इसी प्रकार की सोच अपनाए, तो वह दिन दूर नहीं जब बेटी के जन्म पर कोई चिंता नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि वह समय बीत चुका है जब बेटियों के जन्म को लेकर संकोच किया जाता था।
जाखौली की बेहतर स्थिति
अक्तूबर में जिले में 1,000 लड़कों के मुकाबले 927 लड़कियों ने जन्म लिया था। जाखौली गांव ने सर्वाधिक लिंगानुपात दर्ज कर पहला स्थान हासिल किया है, साल 2024 के आंकड़ों के अनुसार, जाखौली में 44 लड़कों के मुकाबले 68 लड़कियों, कैलरम में 43 लड़कों के मुकाबले 62 लड़कियों ने जन्म लिया है।