संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिला ड्रग्स कंट्रोल विभाग की टीम ने बुधवार को शहर में दवाओं की कई दुकानों में पहुंचकर जांच की। इस दौरान टीम में शामिल जिला ड्रग्स कंट्रोल अधिकारी डाॅ. चेतन वर्मा व टीम सहायक अधिकारी राकेश शर्मा ने प्यौदा रोड, जींद रोड और चंदाना गेट पर पहुंच दुकानों से दवाओं के सात सैंपल लिए।
इनमें टीम ने प्यौदा रोड से पांच, जींद रोड से दो व चंदाना गेट में एक दुकान से दवाओं के दो सैंपल लिए। इन सैंपलों को जांच के लिए लैब में भेजा गया है। अब 10 दिनों के बाद दवाओं की रिपोर्ट आएगी। रिपोर्ट मिलने के बाद ही दवाइयों की गुणवत्ता पर जानकारी मिल पाएगी। टीम ने दवाइयों की दुकानों का औचक निरीक्षण किया।
इस दौरान कई तरह की खामियां मिलीं। इन खामियों को संबंधित को जल्द दूर करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जहां दवाइयों की खरीदने व बेचने को लेकर रिकाॅर्ड में कमी मिली, वहीं दवाइयों पर धूल व मिट्टी लगी हुई नजर आई। इस पर ड्रग्स इंस्पेक्टर ने दुकानदारों को फटकार लगाई और आगामी निरीक्षण से पहले सभी खामियों को दूर करने के निर्देश जारी किए।
जिला ड्रग्स कंट्रोल अधिकारी चेतन वर्मा ने निरीक्षण के दौरान सभी दुकानदारों का कहा कि दवाइयों के रखरखाव को लेकर फ्रीज रखें। इसके साथ-साथ सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं। इन कैमरों की क्वालिटी भी बेहतर हो। इसके साथ-साथ कोई भी दवा विक्रेता बिना डाॅक्टर की पर्ची के दवाई न बेचें। नशीली दवाइयों पर सरकार ने प्रतिबंध लगाया है।
विभाग के ये हैं कार्य ः औषधि निर्माण एवं विक्रय प्रतिष्ठानों को लाइसेंस प्रदान करना। औषधि परीक्षण प्रयोगशालाओं का लाइसेंसीकरण। विनिर्माण के लिए औषधि फॉर्मूलेशन का अनुमोदन आदि।
राज्य इकाइयों द्वारा निर्मित तथा राज्य में विपणन की जाने वाली औषधियों एवं सौंदर्य प्रसाधनों की गुणवत्ता की निगरानी।