संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। देशव्यापी नशा मुक्त भारत अभियान को आगे बढ़ाते हुए अंडमान और निकोबार निवासी शेखर राव अपनी पत्नी नेहा के साथ सोमवार को कैथल पहुंचे। उनका स्वागत राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कमेटी चौक में किया गया, जहां विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। विद्यार्थियों को नशे के खिलाफ जागरूक और सक्रिय रहने के लिए प्रेरित किया गया।
इसके बाद शेखर राव और पत्नी ने उपायुक्त प्रीति से मुलाकात की और यात्रा के उद्देश्यों पर गहन चर्चा की। उपायुक्त ने कहा कि शेखर राव और उनकी पत्नी के प्रयास सराहनीय हैं और सभी को इससे प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने शेखर राव और नेहा को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।
यात्रा की शुरुआत और मार्ग ः शेखर राव ने बताया कि यह यात्रा उन्होंने 26 जून को अंडमान और निकोबार द्वीप समूह से अपनी कार में शुरू की थी। तब से वे कई राज्यों से होकर नशा मुक्ति का संदेश जन-जन तक पहुंचा रहे हैं। अब तक अंडमान और निकोबार, चेन्नई, कर्नाटक, गोवा, केरल, महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, आगरा और दिल्ली के विभिन्न हिस्सों को कवर किया जा चुका है। आगे वे पंजाब, जम्मू-कश्मीर, कांगिल, कल्लू-मनाली, लेह-लद्दाख और आंध्र प्रदेश सहित पूर्वोत्तर के सात राज्यों में जाएंगे।
युवाओं को संदेश ः कैथल कार्यक्रम में उन्होंने स्कूल के विद्यार्थियों को संबोधित किया और कहा कि युवा न केवल स्वयं नशे से दूर रहें बल्कि अपने मित्रों और आस-पास के लोगों को भी इससे बचाने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने नशा को समाज को कमजोर करने वाला धीमा जहर बताया और युवाओं को खेलों, रक्षा बल और शिक्षा में रूझान रखने की सलाह दी।
डीएसपी सुशील प्रकाश ने कहा कि सरकार और जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि प्रदेश और देश नशा मुक्त बने। युवा इसमें सबसे अहम भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा कि नशे के मामलों की सूचना तुरंत जिला प्रशासन को दें ताकि कार्रवाई की जा सके।
इस अवसर पर रेडक्रॉस सोसायटी की ओर से विद्यार्थियों को सीपीआर प्रशिक्षण भी दिया गया। कार्यक्रम में जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी नसीब सैनी, जिला कल्याण अधिकारी सीमा, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कमेटी चौक के प्रिंसिपल रविंद्र शर्मा, इंस्पेक्टर सुरेंद्र, डॉ. बीरबल सहित अन्य अधिकारी और शिक्षक मौजूद रहे।