वार्ड 1 स्थित दलित बस्ती के 150 परिवारों द्वारा पलायन की चेतावनी ने जन स्वास्थ्य विभाग मेें हड़कंप मचा दिया है। गरीब तबके के साथ सुविधाओं के नाम पर हो रहे खिलवाड़ को लेकर वर्ग संबंधित राजनैतिक, धार्मिक और सामाजिक संगठन लामबंद हो गए है। बसपा उत्तरी जोन के प्रभारी डा. अनिल रंगा ने श्री रैदास तख्त के साथ लगती दलित कालोनी का मौका मुआयना किया। इसी क्रम में संत रविदास, डा.भीमराव अंबेदकर, तथागत गौतम बुद्ध और दूसरे संगठनों ने कलायत नगर का रुख किया।
प्रभावित क्षेत्र के लोगों ने बताया कि पिछले एक माह से अधिक समय से उनके घरों में सीवरेज का पानी परोसा जा रहा है। जन स्वास्थ्य विभाग से इस संदर्भ में निरंतर फरियाद लगाई जाती रही। एसडीएम ओमप्रकाश देवराला के दरबार में जब यह मामला पहुंचा तो उन्होंने त्वरित तौर से तथ्यों की जांच करते हुए जन स्वास्थ्य विभाग को घर-घर स्वच्छ जल पहुंचाने के निर्देश दिए।
हैरानी की बात है कि विभाग के अधिकारियों ने बस्ती में एक स्थान पर गड्ढ़ा खोदकर अपने कार्य की इतिश्री कर ली। उपरांत मामला डीसी के संज्ञान में पहुंचा। निरीक्षण में खुलासा हुआ कि पेयजल और सीवरेज लाइन में रिसाव है। लेकिन जब बस्ती के लोगों ने जन स्वास्थ्य विभाग की सेवाओं को बहिष्कार करते हुए पलायन का ऐलान किया तो अधिकारियों के पांव से जमीन खिसक गई।
मंगलवार को संत शिरोमणि गुरु रविदास सभा के अध्यक्ष डा. प्रीतम कौलेखां, रामकुमार धानियां, उपाध्यक्ष धर्मपाल जैष्ट, रामचंद्र धानियां, रोहताश कुमार, विनोद ब्रह्मणियां, मनोज दहिया और दूसरे पदाधिकारियों के साथ घर-घर जाकर लोगों से जन सुविधाओं की स्थिति की जानकारी ली।
सीएम के दरबार में जाएगी रिपोर्ट
डा. प्रीतम कौलेखां ने बताया कि आवासीय क्षेत्र की वीडियोग्राफी करवाई गई है। इसमें यह खुलासा हुआ है कि पेयजल, सीवरेज, बिजली और दूसरी बुनियादी सुविधाओं के प्रति लापरवाही का परिचय दिया जा रहा है। इसकी रिपोर्ट प्रदेश मुख्यमंत्री को साक्ष्यों सहित भेजी जाएगी।