पंचायत चुनाव की तैयारियों में जुटे उम्मीदवार अब वोटरों को अपने पक्ष में लुभाने के लिए दिन रात एक किए हुए हैं। गांव जाजनपुर में सामान्य वर्ग के लिए सरपंच पद का चुनाव होने जा रहा है।
इसके लिए करीब आठ उम्मीदवार चुनावी मैदान में डटे हुए हैं। 3500 की आबादी वाले गांव में करीब 1700 वोटर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस बार पढ़े लिखे व्यक्ति को ही गांव का सरपंच बनाएंगे।
अनपढ़ व्यक्ति के गांव का सरपंच बनने से विकास कार्यों में काफी बाधा आती है। यदि गांव में सर्व सम्मति से सरपंच बन जाए तो गांव में पार्टीबाजी भी खत्म हो जाएगी और सर्वसम्मति से सरपंच बनाए जाने पर गांव में आपसी भाईचारा भी कायम रहता है।
गांव मे सरपंच के लिए सर्वसम्मति नहीं बनी तो ईमानदार, कर्मठ व विकास शील व्यक्ति को ही अपना वोट देंगे। ग्रामीण सोमनाथ, पूर्णचंद, माईलाल, शेरसिंह, धीरसिंह, नफे सिंह, जिले सिंह, अशोक, संदीप, लाभ सिंह का कहना है कि मौजूदा सरपंच के 5 साल के कार्यकाल में गांव में जो विकास कार्य होने चाहिए थे वो नहीं हो पाए।
पानी निकासी व पीने के पानी की समस्या
गांव में गंदे पानी की निकासी की समस्या बहुत ही गंभीर बनी हुई है। बरसात के समय गंदा पानी हरिजन व वाल्मीकि बस्ती के घरों में घुस जाता है।
इससे घरों में रखा सारा सामान खराब हो जाता है। हरिजन एवं वाल्मीकि बस्ती के लोगों का कहना है कि गांव में पीने के पानी की हालात बद से बदतर होती जा रही है।
जन स्वास्थ्य विभाग द्वारा ग्राम पंचायत के माध्यम से सप्लाई किया जाने वाला पानी दूषित और गंदा आता है। जिसको मजबूरी में पीना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में अनेकों स्थानों पर टूटी हुई पाइप लाइन को ठीक करने के लिए सरपंच को शिकायत करने के बावजूद समस्या सालों से बरकरार है।
गांव की सरपंच सावित्री देवी का कहना है कि उन्हाेंने गांव में सभी गलियों को पक्का कराया, नालों का निर्माण कराया, तालाब की चारदीवारी बनवाई, घरों में शुलभ शौचालयों का निर्माण कराया, नकले लगवाई, 90 बीपीएल परिवारों को प्लॉट मुहैया कराए तथा 40 गरीब परिवारों को जिला प्रशासन के सहयोग से मकानों का निर्माण कराया गया। पंचायत के पास अपनी आय के साधन के तौर पर 24 एकड़ कृषि भूमि से पांच सालों में करीब 35 लाख रुपये की आय हुई। इससे गांव के विकास कार्य कराए गए।