संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। ऑनलाइन चालान के मैसेज से डरे नहीं। आजकल साइबर ठगों ने ऐसे मैसेज भेजकर लोगों से ठगी शुरू कर दी है। इनसे बचाव के लिए पुलिस ने एडवाइजरी जारी की है।
साइबर थाना प्रभारी पीएसआई शुभ्रांशु ने बताया कि डिजिटल दुनिया के इस दौर में जितनी तेजी से काम हो रहे हैं, उतनी ही तेजी से साइबर ठग भी बढ़ते जा रहे हैं। ठगी का एक तरीका ऑनलाइन चालान के बहाने हो रहा है, जिसमें लोगों के फोन पर ई-चालान का मैसेज जाता है और जो इस पर क्लिक करता है, उसके साथ ठगी हो जाती है।
पीएसआई शुभ्रांशु ने कहा कि आजकल कई जगह लाइट और सड़क पर कैमरे लगे हुए हैं, अगर आपने किसी भी यातायात नियम का उल्लंघन किया तो ये तुरंत आपकी फोटो लेते हैं और कंट्रोल रूम को भेज देते हैं। जिसके बाद आपका चालान हो जाता है, इसे ई-चालान कहते हैं। इसका मैसेज रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आता है। इसमें एक लिंक होता है, ऊपर लिखा होता है कि आपने नियम तोड़ा है और आपका चालान किया गया है। लिंक पर क्लिक करने के बाद आपको चालान की पूरी डिटेल मिलती है, साथ ही फोटो भी अटैच होती है। यहीं से आप अपने चालान का पेमेंट भी कर सकते हैं।
एसएचओ ने बताया कि अब इसी लिंक का फायदा उठाकर साइबर ठग लोगों को चूना लगा रहे हैं। एक रैंडम नंबर से लोगों को चालान जैसा ही एक मैसेज भेजा जाता है, जिसमें बताया जाता है कि आपका ई-चालान हुआ है। आमतौर पर लोग तुरंत ये जानना चाहते हैं कि किस बात का चालान किया गया है, यही वजह है कि लोग तुरंत इस लिंक पर क्लिक कर लेते हैं, जो उनके लिए कई बार खतरनाक साबित हो सकता है। अब फोन पर भी ई-चालान का कोई ऐसा मैसेज आता है तो आप इस पर तुरंत क्लिक न करें। आप सबसे पहले अपने फोन से ही ई-चालान की वेबसाइट पर जाएं। यहां आपको सिर्फ अपनी गाड़ी का नंबर और लाइसेंस के आखिरी कुछ नंबर डालने होते हैं।
इसके बाद आपके सामने ई-चालान की पूरी डिटेल आ जाती है। अगर चालान हुआ है तो आप लिंक पर क्लिक कर सकते हैं, नहीं तो आपको सारी जानकारी इसी वेबसाइट से मिल जाएगी। किसी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें।