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Kaithal News: कुत्तों के काटने के बढ़े मामले, इस माह अब तक 50 लोग बने शिकार

Thu, 13 Nov 2025 01:45 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। जिले में लावारिस कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। गली-मोहल्लों और बाजारों में झुंड बनाकर घूम रहे ये कुत्ते राहगीरों पर अचानक हमला कर देते हैं। नागरिक अस्पताल के आंकड़े बताते हैं कि गत माह कुत्तों के काटने के 230 केस दर्ज हुए, जबकि इस माह अब तक 50 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। निजी अस्पतालों को शामिल करें तो संख्या और भी अधिक है।

नगर परिषद द्वारा कुत्ते पकड़ने की एजेंसी का टेंडर समय पर न कराने की कीमत अब आम लोगों को अपने जख्मों से चुकानी पड़ रही है। सुबह सैर पर निकले लोग, बच्चों को स्कूल छोड़ने वाले अभिभावक और साइकिल-मोटरसाइकिल सवार अक्सर इन झुंडों के निशाने पर आ जाते हैं। कई इलाकों में तो कुत्ते खुलेआम घूमते नजर आते हैं, जिससे लोगों में भय और गुस्सा दोनों है।
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रजनी कॉलोनी निवासी तेजपाल ने बताया कि उसका बेटा गली में खेल रहा था, तभी एक लावारिस कुत्ते ने उस पर हमला कर हाथ पर काट लिया। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे कुत्तों को तुरंत पकड़कर शहर से बाहर कराया जाए। डॉक्टरों का कहना है कि डॉग बाइट के मामले गंभीर हैं और समय पर वैक्सीन लेना ही संक्रमण से बचाव का एकमात्र उपाय है।

रैबीज एक घातक वायरस संक्रमण है जो मुख्य रूप से कुत्ते की लार के संपर्क से फैलता है। संक्रमित कुत्ते के काटने पर यह वायरस तंत्रिका तंत्र पर हमला करता है और इलाज न होने पर जानलेवा साबित हो सकता है।

फिजिशियन डॉ. गौरव चावला बताते हैं कि ऐसे मामलों में घबराने के बजाय तुरंत सावधानी बरतनी चाहिए। घरेलू टोटके अपनाने से स्थिति बिगड़ सकती है, इसलिए डॉक्टर से ही उपचार कराएं।
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प्राथमिक उपचार

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घाव को साबुन और गर्म पानी से 5 मिनट तक अच्छी तरह साफ करें।

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एंटीबायोटिक मरहम लगाकर जीवाणुरहित पट्टी या बैंडेड करें।

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इसके बाद तुरंत डॉक्टर से मिलें और पूरा इलाज कराएं।

सिविल सर्जन डॉ. रेनू चावला ने बताया कि अस्पताल में कुत्ते के काटने के इलाज से जुड़ी सभी दवाएं हैं। नागरिक घरेलू उपायों के बजाय तुरंत चिकित्सीय उपचार लें।

रैबीज का खतरा और इलाज



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पागल कुत्ते की लार में रैबीज वायरस होता है, जो काटने के माध्यम से शरीर में प्रवेश करता है।

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इलाज में देरी होने पर रैबीज जानलेवा हो सकता है।

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लक्षण प्रकट होने के 10–15 दिनों में मृत्यु का खतरा रहता है।

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कुत्ता काटने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

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डॉक्टर एंटी-रैबीज वैक्सीन और आवश्यक इंजेक्शन देते हैं।
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