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Kaithal News: डॉक्टरों की हड़ताल का नहीं दिखा असर

Tue, 09 Dec 2025 01:43 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। जिला नागरिक अस्पताल में डॉक्टरों की हड़ताल के पहले दिन सोमवार को कोई खास असर देखने को नहीं मिला। मरीजों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए करनाल के कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज से 40 डॉक्टर बुलाए गए, जिन्होंने मोर्चा संभालकर अस्पताल में सभी व्यवस्थाएं बनाए रखीं। इमरजेंसी सेवाएं और ऑपरेशन भी रोजाना की तरह संपन्न हुए।

जिला कैथल में सरकारी डॉक्टरों की संख्या 58 है, जिनमें से केवल 16 डॉक्टर ही ड्यूटी पर तैनात थे। हड्डी, आंखों, गले- कान के विशेषज्ञ, फिजिशियन और डिप्टी सिविल सर्जन भी हड़ताल में शामिल थे। बावजूद इसके मरीजों को जांच और इलाज में कोई कठिनाई नहीं हुई। अस्पताल में ऑपरेशन व अन्य आपातकालीन कार्य भी सुचारू रूप में किए गए।
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हड़ताल की घोषणा को देखते हुए जिला उपायुक्त अपराजिता भी जिला के नागरिक अस्पताल पहुंची और तमाम व्यवस्थाओं का जायजा लिया। मरीजों को किसी भी प्रकार की दिक्कत न हो इसको देखते हुए जिला उपायुक्त ने अस्पताल में अलग-अलग डॉक्टरों के कक्ष में पहुंच जायजा लिया। इस दौरान सीएमओ डॉ. रेनू चावला भी उनके साथ मौजूद रहीं।

हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन के जिला प्रधान डॉक्टर ललित जांगड़ा ने बताया कि वे अपनी मांगों को लेकर काफी समय से संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी मांगों की तरफ ध्यान नहीं दे रही है। हालांकि पहले सरकार को कई बार चेतावनी भी दी गई, लेकिन कोई समाधान नहीं किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने एसएमओ की सीधी भर्ती रोकने संबंधी संशोधन पर सहमति जताई थी, लेकिन संशोधित एसीपी संरचना की अधिसूचना पर कोई आश्वासन नहीं मिला। डॉक्टरों की दो मांगों में से केवल एक मांग मानी गई, जिस पर उन्होंने यह हड़ताल करने का निर्णय लिया है।

सीएमओ डॉ. रेनू चावला ने बताया कि सभी स्वास्थ्य सेवाएं नियमित रूप से जारी रही और मरीजों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं हुई। हड़ताल के दौरान करनाल के कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज से डॉक्टर बुलाए गए थे। मरीजों को परेशानी नहीं हुई।

ये बोले मरीज

n दयोहरा गांव की राजदेवी ने बताया कि वह सुबह 11 बजे अस्पताल पहुंचीं और उन्हें डॉक्टर से मिलने या दवाई लेने में किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं हुई। एक सप्ताह की दवा भी मिल गई।
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गांव नरड़ के बुजुर्ग बच्चन सिंह ने कहा कि उन्हें पेट की समस्या के इलाज के लिए अस्पताल जाना पड़ा, लेकिन किसी भी तरह की कठिनाई नहीं हुई और डॉक्टर से बातचीत कर घर लौट गए।
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