संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। शहर के सरकारी व निजी विभागों पर नगर परिषद का करोड़ों रुपये प्रॉपर्टी टैक्स बकाया है। इस संदर्भ में डीएमसी कपिल शर्मा ने नगर परिषद अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि टैक्स नहीं भरने वाले सभी भू-स्वामियों को नोटिस जारी किए जाएं और निर्धारित समय में भुगतान न करने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
सूत्रों के अनुसार, नगर परिषद पर करीब 12 करोड़ रुपये का टैक्स बकाया है, जिसमें से दो करोड़ रुपये से अधिक सरकारी विभागों पर ही लंबित हैं। इनमें आरटीओ, बिजली निगम, आईटीआई, रोडवेज, स्वास्थ्य व प्रशासनिक खंड जैसे विभाग शामिल हैं। परिषद की टीम कई बार नोटिस भेज चुकी है और विभागीय स्तर पर टैक्स जमा कराने की अपील भी कर चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस नतीजा नहीं निकला है।
इस संबंध में डीएमसी कपिल शर्मा ने कहा कि टैक्स की वसूली शहर के विकास से जुड़ा अहम मुद्दा है। अगर यह राशि नगर परिषद के खजाने में जमा हो जाए तो शहर में कई विकास कार्य तेजी पकड़ सकते हैं।
प्रापर्टी टैक्स की वसूली मे पिछड़ रही परिषद
नगर परिषद लगातार प्रापर्टी टैक्स रिकवरी को एक्शन मोड़ में रहता है। शहर के विकास के लिए टैक्स जरूरी है और प्रत्येक को भरना भी चाहिए। परिषद प्रापर्टी टैक्स नहीं भर रहे आमजन को नोटिस भेज कर सील करने की कार्रवाई का भय दिखाता रहा है, लेकिन वर्षों तो कोई महीनों से रुपये दबाए बैठे सरकारी महकमों से रिकवरी में परिषद क्यों पिछड़ रहा है, ये अपने आप में सवाल है। इससे निष्पक्ष कार्रवाई के दावों का दम निकलता दिख रहा है। अगर इन संस्थानों से रिकवरी हो तो परिषद के खजाने का वजन बढ़ेगा और शहर में विकास होगा। पर निगम के अधिकारी और न ही डिफाल्टर हुए सरकारी विभाग टैक्स जमा करने-कराने में रुचि दिखा रहे हैं।