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Kaithal News: डीएम, खजाना अधिकारी रहे गैरहाजिर, जवाब तलब

Sat, 06 Jul 2024 06:27 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। लघु सचिवालय में शुक्रवार को जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक आयोजित की गई। इसमें स्वास्थ्य एवं नागरिक उड्डयन मंत्री डॉ. कमल गुप्ता शिकायतें सुनने के लिए पहुंचे थे। बैठक की शुरुआत में ही मंत्री एक्शन में दिखे। उन्होंने बैठक में न आने वाले हरियाणा एग्रो के डीएम और जिला खजाना अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया।

इस दौरान दोनों अधिकारियों की ओर से भेजे गए कर्मियों ने जब सफाई दी तो कैबिनेट मंत्री डॉ. कमल गुप्ता ने कहा कि बैठक में कैबिनेट मंत्री आए हैं। उनकी बैठक से बड़ा भी कोई काम है क्या? इसमें कोताही बर्दाश्त नहीं होगी। ऐसा बोलते हुए मंत्री ने डीसी प्रशांत पंवार से दोनों अधिकारियों की गैर हाजिरी लगा एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए।
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बैठक में खजाना कार्यालय से पहुंचे दूसरे अधिकारी से कैबिनेट मंत्री ने पूछा कि क्या उनके अधिकारी डीसी से छ्ट्टी लेकर गए हैं। इस पर डीसी प्रशांत पंवार ने उनकी छुट्टी को लेकर कोई जानकारी न होने की बात कही। फिर हरियाणा एग्रो के डीएम के गैर हाजिर होने पर उनके कार्यालय से आए दूसरे अधिकारी ने कहा कि डीएम के पास जींद का भी चार्ज है, इसलिए वे नहीं आ पाए। इस पर मंत्री आग बबूला हो गए।

नाराज होकर उन्होंने कहा कि मंत्री की बैठक से बड़ा यह कार्य है क्या? इस पर उन्होंने जवाब मांग लिया। बैठक में 14 शिकायतें आई थीं। इसमें से मंत्री ने 10 का मौके पर ही समाधान किया। बची हुई चार शिकायतों को अगली बैठक के लिए रखा गया। यह बैठक आचार संहिता हटने के बाद पहली बार हुई। बैठक में कैथल से भाजपा विधायक लीला राम और जिलाध्यक्ष अशोक गुर्जर ने भी कुछ समस्याएं कैबिनेट मंत्री डॉ. कमल गुप्ता के समक्ष रखीं। इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष अशोक गुर्जर ने बताया कि जिले में बिजली की समस्या गंभीर है। यह समस्या 63 केवी ट्रांसफार्मर मिलने की है। कहा कि आला अधिकारी तो बेहतर काम कर रहे हैं, लेकिन निचले स्तर पर अधिकारियों की बेरुखी सामने आती है। इसका समाधान होना चाहिए।
बैठक में ग्योंग ड्रेन की रिपोर्ट की तलब
जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में ग्योंग ड्रेन भी चर्चा का विषय रही। मौजूद सदस्यों ने जब इसका मुद्दा उठाया तो विधायक लीला गुर्जर ने भी इस पर सहमति जताते हुए कहा कि ये समस्या बहुत बड़ी और पुरानी है। शहर के बीच बिछी इस ड्रेन से आसपास रहने वाले लोगों का जीवन नर्क बन चुका है।
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पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल के समय भी इससे अवगत करवाया गया था। अधिकारी भी जाते हैं और देखकर आ जाते हैं, लेकिन समस्या का हल नहीं हो पा रहा। इस पर मंत्री कमल गुप्ता ने डीसी प्रशांत पंवार को निर्देश दिया कि शनिवार को ही संयुक्त बैठक लें और 15 दिन में इसका हल निकालें। आगामी बैठक जब भी हो तो उसमें ग्योंग ड्रेन की रिपोर्ट जरूर पेश की जाए।
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