संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। रेल यात्री कल्याण समिति में दो पदाधिकारियों में ही आपस में फूट पड़ गई है। समिति के प्रधान कर्मचंद जिंदल ने वरिष्ठ उप प्रधान लाजपत सिंगला को उनके पद से हटा दिया है।
ये फैसला पद से हटाए गए वरिष्ठ उप प्रधान लाजपत राय सिंगला के रेल यात्री कल्याण समिति की तरफ से दिए गए धरने में न पहुंचने पर लिया गया है। वहीं पद से हटाए गए वरिष्ठ उप प्रधान लाजपत सिंगला ने कहा कि वे समिति के प्रधान के इस फैसल को सिरे से नकारते हैं। क्योंकि बिना एक तिहाई मत के किसी भी पदाधिकारी को उसे पद से नहीं हटाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि यह फैसला सदन की बैठक में लिया जा सकता है। इसके लिए अलग से बैठक बुलाने की जरूरत होती है। जबकि धरने पर ऐसा कोई फैसला नहीं लिया जा सकता है। जबकि वह समिति के प्राथमिक सदस्य हैं।
जानकारी के अनुसार पार्क रोड स्थित शहीद स्मारक के बाहर समिति ने रेल यात्रियों की मांगों पर धरना दिया था। इस धरने के दौरान ही प्रधान ने वरिष्ठ उप प्रधान को उनके पद से हटाने का यह फैसला लिया है। इस फैसले के तहत प्रधान कर्मचंद जिंदल ने कहा कि रेल यात्री कल्याण समिति ने यह निर्णय लिया है कि लाजपत सिंगला की सेवाएं समाप्त की जाती हैं। इसका कारण समिति की गतिविधियों में हिस्सा न लेना है। इसलिए उन्हें सेवा मुक्त किया जाता है। गौरतलब है कि रेल यात्री कल्याण समिति ने रेलवे के मुद्दों को लेकर ही यह धरना दिया था। इसकी अध्यक्षता प्रधान कर्मचंद जिंदल ने की थी। इस मौके पर डाॅ. सजय, सुरेंद्र अरोड़ा, रामकरण, सुखदेव बंसल, विनित मंगला, मुनीष बंसल, जिले सिंह कठवाड़, राजकुमार गर्ग, कपूर चंद गोयल, ईश्वर दास अरोड़ा, अमन गौड़, जितेंद्र बंसल, ज्योति सैनी व संतोष गोयल मौजूद थे।