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Kaithal News: जिले को मिली एआई से ऑपरेट होने वाली दो नई पोर्टेबल एक्स-रे मशीन, एक मिनट में देगी रिपोर्ट

Sat, 29 Aug 2026 01:14 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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पुराने अस्पताल में कर्मचारियों की जांच के लिए रखी पोर्टेबल एक्स-रे मशीन। संवाद
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विक्रम पूनिया
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कैथल। स्वास्थ्य विभाग कैथल को दो नई पोर्टेबल एक्स-रे मशीन मिली हैं। एक मशीन की कीमत करीब 12 लाख रुपये है। खास बात ये है कि ये दोनों एआई यानि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से ऑपरेट होती हैं। मशीन से एक मिनट में ही मरीज का एक्स-रे और एआई से रिपोर्ट तैयार हो जाती है।
ये दोनों मशीनें सेंट्रल टीबी डिविजन की ओर से दी गई हैं और इन मशीनों का इस्तेमाल सिर्फ टीबी के मरीजों के लिए ही किया जाएगा। रिपोर्ट असामान्य मिलने पर फिजिशियन के पास भेजी जाएगी। फिजिशियन रिपोर्ट के विश्लेषण के बाद ही जरूरत पड़ने पर स्पुटम यानि थूक की जांच के लिए लिखेगा और उसके बाद टीबी पाए जाने पर इलाज शुरू होगा। पोर्टेबल एक्स-रे मशीनों का हाई रिस्क एरिया के अनुसार ही फील्ड रोस्टर बनेगा और रोस्टर के अनुसार ही ये मशीनें फील्ड में भेजी जाएंगी। इससे अब संदिग्ध टीबी मरीजों की पहचान करना और इलाज पहले की तुलना में आसान हो जाएगा।
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टैक्नीशियन नहीं होने से नहीं हो पा रहा था इस्तेमाल
स्वास्थ्य विभाग को ये दोनों पोर्टेबल मशीनें एक महीने पहले ही मिल चुकी हैं, लेकिन टैक्नीशियन नहीं होने के कारण इनका इस्तेमाल नहीं पो रहा था। विभाग ने अब एक एनजीओ का सहारा लिया है और एक सप्ताह के अंदर इन मशीनों को फील्ड में भेजना शुरू किया जाएगा।


एक दिन में होंगे 200 से ज्यादा एक्स-रे
विभाग के पास पहले से एक पोर्टेबल मशीन है, लेकिन वह एआई से ऑपरेट नहीं होती है। नई मिली दोनों मशीन एआई से ऑपरेट होती हैं। पहले से मौजूद मशीन औसतन एक दिन में करीब 70 मरीजों का एक्स-रे करती है। ऐसे में अब तीनों मशीनों से रोजाना 200 से ज्यादा मरीजों के एक्स-रे हो सकेंगे। अब मरीजों को रिपोर्ट के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
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10 से 12 मरीजों की रिपोर्ट मिल रही असामान्य
स्वास्थ्य विभाग के पास पहले से मौजूद पोर्टेबल एक्स-रे मशीन एक दिन में औसतन 70 मरीजों का एक्स-रे करते हैं और उसमें से 10 से 12 मरीजों की रिपोर्ट असामान्य मिल रही है। हालांकि इसका यह मतलब नहीं कि इन सभी को टीबी है, लेकिन इनको टीबी के संदिग्ध मरीज मानते हुए विभाग निगरानी बढ़ाता है और इन असामान्य रिपोर्ट को फिजिशियन के पास भेजा जाता है।


1290 टीबी मरीजों की चल रहा इलाज

वर्तमान में जिले में करीब 1290 टीबी के मरीज हैं, जिनका इलाज स्वास्थ्य विभाग से चल रहा है। इन्हें मुफ्त इलाज के साथ ही पौष्टिक भोजन के लिए आर्थिक मदद भी दी जाती है। सरकार की ओर से इन्हें 6 हजार रुपये की राशि दी जाती है।
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वर्जन...
टीबी मरीजों की निगरानी बढ़ाने के साथ ही हाई रिस्क एरिया के लिए दो नई पोर्टेबल मशीन विभाग को मिली हैं। अगले सप्ताह से इनका फील्ड में इस्तेमाल शुरू हो जाएगा। ये दोनों एआई से ऑपरेट होने वाली मशीन हैं। इससे टीबी मरीजों की पहचान और इलाज में तेजी आएगी। - डॉ. संदीप बातिश, उप सिविल सर्जन, स्वास्थ्य विभाग, कैथल।
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