संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिला स्तर पर कृषि विभाग के सरकारी योजनाओं को किसानों तक पहुंचाने के लिए सात कार्यालय हैं लेकिन ये सभी शहर में छह से सात किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। ऐसे में यह दूरी किसानों की मजबूरी बन जाती है।
साफ है कि किसी किसान को यदि एक दिन में दो कृषि विभाग के कार्यालयों में किसी काम के लिए जाना पड़े तो उसे दो दिन लगेंगे। समय के अभाव में किसान भी हर रोज कार्यालय के चक्कर नहीं लगा सकते। जब तक किसान कृषि कार्यालय में नहीं पहुंचते जब तक उन्हें योजनाओं की जानकारी हासिल नहीं होती।
इनमें कई कार्यालय ऐसे हैं जो प्राइवेट भवन में चल रहे हैं। किसानों का कहना है कि कृषि विभाग को कृषि से संबंधित सभी कार्यालय एक छत के नीचे बनाने चाहिए। ताकि किसानों का समय बच सके और सभी सरकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध हो सके।
किसान महाबीर, साहिल चहल, प्रदीप कुमार, सतबीर, कृष्ण, बलमत का कहना है कि कैथल में कृषि से संबंधित जानकारी लेने के लिए सभी कार्यालय पांच से छह किलोमीटर दूर स्थित है। यदि किसी किसान को मिट्टी जांच करवानी है तो उसे जींद रोड स्थित अतिरिक्त अनाज मंडी में जाना पड़ता है। वहीं उसी किसान को मत्स्य पालन की जानकारी लेनी है तो उसे सात किलोमीटर की दूरी तय करके करनाल रोड स्थित गोगा माड़ी के पास पहुंचना पड़ता है।
इसके अलावा पशुपालन की जानकारी लेनी है तो उसे नई अनाज मंडी के पास स्थित पशुपालन कार्यालय में पहुंचना पड़ता है। किसानों का कहना है कि एक दिन में सभी कार्यालयों में काम है तो उसे पूरा नहीं कर सकते। इसलिए किसानों को जानकारी के लिए पशुपालन और कृषि संबंधित सभी जानकारियों के लिए एक जगह पर ही कार्यालय होने चाहिए। ताकि किसान का एक दिन में ही सभी कार्यालयों का नाम निपट सके।
ये हैं कृषि विभाग के कार्यालय
कृषि उपनिदेशक कार्यालय लघु सचिवालय में स्थित है, जहां पर कृषि से संबंधित सरकारी योजनाओं की जानकारी किसानों को मिलती है। बागवानी विभाग का कार्यालय मध्य मार्ग पर एक निजी भवन में चल रहा है। यहां पर किसानों को सब्जियों से संबंधित व पॉली हाउस की जानकारी किसानों को उपलब्ध होती है। मत्स्य पालन विभाग का कार्यालय करनाल रोड स्थित गोगा मंदिर के पास है। इस कार्यालय में किसानों को मत्स्य पालन से संबंधित जानकारी मिलती है।
कृषि विभाग के दो कार्यालय जिला परिषद में है। यहां पर एक कार्यालय में किसानों को कृषि यंत्रों संबंधित जानकारी मिलती है। दूसरे कार्यालय में गन्ना संबंधित किसानों को जानकारी मिलती है। पशु प्रशिक्षण कार्यालय हनुमान वाटिका के सामने एक गली में निजी भवन में संचालित है। यहां पर पशुओं पर लोन संबंधित कार्य होते हैं। किसानों को मिट्टी पानी की जांच करवाने के लिए अतिरिक्त अनाज मंडी स्थित कृषि विभाग के कार्यालय में जाना पड़ता है। पशुपालन विभाग का कार्यालय नई अनाज मंडी के सामने जींद रोड पर है। यहां पर किसान अपने पशुओं के स्वास्थ्य की जांच करवा सकते हैं।
कृषि उपनिदेशक डॉ. करमचंद ने कहा कि कृषि संबंधित कोई भी योजना हो उसे किसानों तक पहुंचाया जा रहा है। कृषि संबंधित किसी भी जानकारी के लिए वह संबंधित कार्यालय में जाकर ले सकता है। कृषि विभाग की ओर से सभी योजनाओं को किसानों तक पहुंचाया जाता है।