संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला-चीका। सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। जगह-जगह कूड़े के ढेर लगने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सोमवार को सफाई कर्मचारियों ने नगर पालिका अध्यक्ष रेखा रानी, भाजपा के पूर्व विधायक कुलवंत बाजीगर के निवास स्थान तथा शहीद ऊधम सिंह चौक पर जोरदार प्रदर्शन किया और सड़कों पर कूड़ा बिखेरकर रोष जताया।
कर्मचारियों ने पैदल मार्च निकालकर नगर पालिका और सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। धरने की अध्यक्षता ब्लॉक वरिष्ठ उपप्रधान चिंतो देवी ने की, जबकि संचालन सह सचिव सागर कुमार ने किया। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सुनवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
हड़ताल के कारण शहर में घर-घर से कूड़ा उठाना बंद हो गया है। रोजाना निकलने वाला सैकड़ों टन कचरा अब गलियों और कॉलोनियों में जमा हो रहा है। कई स्थानों पर गंदगी के बड़े-बड़े ढेर लग गए हैं, जिससे स्थानीय लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
गर्मी के मौसम में कूड़े से उठ रही दुर्गंध ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि कई दिनों से सफाई नहीं होने के कारण बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ गया है। साथ ही मच्छरों की संख्या बढ़ने से मच्छरजनित रोग फैलने की आशंका भी बनी हुई है।
घरों से लेकर सड़कों तक पसरी गंदगी : शहर में सफाई व्यवस्था ठप होने के कारण घरों से लेकर मुख्य सड़कों तक जगह-जगह कूड़े के ढेर दिखाई दे रहे हैं। वार्ड नंबर-17 में एसडीएम हाउस के पीछे, सिनेमा रोड, छोटी मंडी
सहित कई इलाकों में गंदगी का अंबार लगा हुआ है।
दुर्गंध के कारण लोगों को इन रास्तों से गुजरते समय मुंह ढककर निकलना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द समाधान निकालकर शहर की सफाई व्यवस्था बहाल करने की मांग की है।
हड़ताली कर्मचारियों की मांगों का समाधान करे सरकार : प्रेमचंद
कैथल। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के राज्य सचिव मंडल ने सरकार से अग्निशमन एवं नगर पालिका विभाग के हड़ताली कर्मचारियों की मांगों का समाधान करने की मांग की है। पार्टी के राज्य सचिव प्रेम चंद ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि नगर पालिका कर्मचारी एक मई से प्रदेशभर में हड़ताल पर हैं, लेकिन अब तक सरकार उनकी मांगों का समाधान नहीं कर पाई है।
उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में शहरों में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगने से मक्खी-मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है और बीमारियां फैलने की आशंका बनी हुई है। प्रेमचंद ने कहा कि नगर पालिका कर्मचारियों में बड़ी संख्या दलित समुदाय से जुड़ी है, जो पहले से सामाजिक रूप से उपेक्षित हैं। उन्होंने सीवर सफाई के दौरान कर्मचारियों की हुई मौतों का भी उल्लेख करते हुए सरकार से कर्मचारियों की सुरक्षा और मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की। संवाद