संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। महंत विश्वनाथ पूरी के ब्रह्मलीन होने के एक वर्ष बाद उनकी बरसी पर शुक्रवार को वीर कुंड डेरे में एक कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस दौरान संपत्ति को लेकर बहस की जानकारी मिली है। बताया जाता है कि मामला बढ़ने पर कई मौजिज लोगों ने दोनों पक्षोंं को समझाया और मामले को की तरह शांत कराया।
गौरतलब है कि खुराना रोड स्थित बृहस्पति कुंड मंदिर की गद्दी महंत विश्वनाथ पुरी के ब्रह्मलीन होने के बाद खाली हुई थी, जो उस समय निरंजन पुरी को मिली थी। इस मौके पर महंत का षोडशी भंडारा आयोजित किया था।
शुक्रवार को बरसी पर हुए कार्यक्रम में विभिन्न जगहों से साधु संतों सहित अन्य महात्मा पहुंचे थे परंतु इस महंत त्रिभुवन पूरी की तरफ से डेरे की जमीन पर की गई चर्चा पर बहस हो गई। यह बहस शीतलपुरी डेरे की जमीन की वसीयत पर हुई। कार्यक्रम में पहुंचे संत त्रिभुवन पूरी का कहना था कि महंत विश्वनाथ पूरी ने 2019 में डेरे की जमीन उनके नाम की है। महंत निरंजन पूरी का कहना था कि जमीन उनके गुरु विश्वनाथ पूरी ने डेरे के नाम कर रखी है। डेरे की व्यवस्था संभालने वाले महंत ही इसकी देखरेख करेंगे। मौजिज व्यक्तियों ने मामला शांत करवाया।