संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन हरियाणा ने सोमवार को जवाहर पार्क में प्रदर्शन किया। इसके बाद लघु सचिवालय में मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार अनिल बिढ़ान को मांगों का ज्ञापन सौंपा। सभी ने ऑनलाइन हाजिरी पर नाराजगी जताई।
ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन जिला प्रधान अजय पबनावा ने आरोप लगाते हुए कहा कि पंचायत विभाग हरियाणा की ओर से ग्रामीण सफाई कर्मियों, चौकीदारों और ट्यूबवेल ऑपरेटर की मोबाइल ऐप के माध्यम से हाजरी लगाकर सरपंच को मानदेय भुगतान का बिल बनाने का अधिकार देकर उक्त कर्मियों को शोषण और बेगार की दलदल में धकेलना चाहती है। जिसको सीटू किसी भी सूरत में सहन नहीं करेगी।
पीडब्ल्यूडी मैकेनिकल वर्कर्स यूनियन के जिला प्रधान पृथ्वी सिंह व राज्य वरिष्ठ उपाध्यक्ष बसाऊ राम ने कहा कि भाजपा समर्थित सरपंच एसोसिएशन की मांग पर मुख्यमंत्री ने मोबाइल ऐप में ऑनलाइन हाजिरी लगाकर मानदेय भुगतान का बिल बनाने का अधिकार सरपंच को देने का निर्णय घोर कर्मचारी विरोधी है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा में किसी भी चुने हुए प्रतिनिधि को किसी कर्मचारी की हाजिरी लगाने का अधिकार नहीं है तो सफाई कर्मियों, चौकीदारों और जल कर्मियों बिल बनाने का अधिकार सरपंच को क्यों दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से सरकार अपने कुछ चहेतों को निजी कर्मचारी उपलब्ध करवा रही है। इससे हर रोज गांव स्तर पर पंचायतों और कर्मचारियों के बीच झगड़े पैदा होंगे।
प्रदर्शन को पृथ्वी सिंह व मैकेनिकल वर्कर्स यूनियन जिला प्रधान सर्व कर्मचारी संघ के नेता जरनैल सिंह, मास्टर रामपाल सिंह, जसबीर सिंह, जिला उप प्रधान नवाजा राम व छज्जू राम ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा अपनाई जा रही ऑनलाइन प्रणाली की बजाय ऑफलाइन हाजिरी लगाई जाए। हाजिरी लगाने का अधिकार ग्राम पंचायत की बजाय पांच-छह गांवों का जोन बनाकर सुपवाइजर की भर्ती हो और उसके माध्यम से ही ये हाजिरी लगवाई जाए। इस ऑनलाइन हाजरी व्यवस्था के खिलाफ अगले तीन दिन सात मार्च तक जिला व ब्लॉक स्तर पर धरने आयोजित रहेंगे तथा उसके बाद अगला निर्णय लिया जाएगा।