संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। राइस मिलर्स एसोसिएशन हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा ने वीरवार को चंडीगढ़ स्थित मुख्यमंत्री आवास पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात की। उन्होंने सीएमआर (कस्टम मिलिंग ऑफ राइस) वर्ष 2024-25 से संबंधित समस्याओं के समाधान हेतु एक मांग पत्र सौंपा और विस्तृत चर्चा की।
अमरजीत छाबड़ा ने मुख्यमंत्री को राइस मिलर्स को आ रही प्रमुख समस्याएं जैसे बोनस राइस डिलीवरी की री-शेड्यूलिंग, एफसीआई में चावल लगाने की समय सीमा, तिरपाल व कैरेट का किराया, और अनलोडिंग व स्टेकिंग चार्जेज आदि से अवगत कराया।
अमरजीत छाबड़ा ने बताया कि मुख्यमंत्री सैनी ने मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को निर्देश देते हुए त्वरित समाधान के लिए कहा है। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री के साथ प्रदेशाध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा भी उपस्थित रहे।
मुख्य मुद्दे जो उठाए गए
n सीएमआर कार्य में देरी और कोटे की समस्या ः प्रदेशाध्यक्ष ने बताया कि इस वर्ष भी सीएमआर कार्य 45 दिन की देरी से (16 दिसंबर से) शुरू हुआ, जिसके कारण अब तक केवल 85% कार्य ही पूरा हो सका है। एफसीआई में चावल लगाने की जगह हर स्टेशन पर अलग-अलग है, जिससे असुविधा हो रही है।
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बोनस राइस डिलीवरी ः मुख्यमंत्री द्वारा 10 अक्तूबर 2024 की बैठक में वादा किया गया था कि इस वर्ष सीएमआर कार्य समय पर पूरा करने पर राइस मिलर्स को दी जाने वाली बोनस राशि में वृद्धि की जाएगी, परंतु यह अब तक घोषित नहीं हुई। एसोसिएशन ने आग्रह किया कि बोनस की समय-सीमा 30 जून 2025 तक निर्धारित की जाए।
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तिरपाल और कैरेट किरायाराइस मिलर्स द्वारा धान को सुरक्षित रखने हेतु उपयोग की जाने वाली तिरपाल और कैरेट की लागत पिछले तीन वर्षों से नहीं दी गई है, जबकि यह किराया 15 रुपये प्रति टन के हिसाब से निर्धारित है।
n अनलोडिंग व स्टैकिंग चार्जेजएफसीआई द्वारा राइस मिलर्स को धान अनलोड और स्टैक करने के लिए 4.96 रुपये प्रति क्विंटल चार्ज दिया जाता है, जो पड़ोसी राज्य पंजाब में नियमित रूप से मिल रहा है। हरियाणा में यह चार्ज इस बार कॉस्ट सीट में शामिल किया गया है लेकिन भुगतान नहीं किया गया।