संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। सिविल सर्जन कार्यालय स्थित जिला प्रशिक्षण केंद्र में सोमवार को विभिन्न गैर सरकारी संस्थाओं (एनजीओ) के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता सिविल सर्जन डॉ. रेनू चावला ने की, जिसमें पीसी-पीएनडीटी एक्ट के प्रति जागरूकता बढ़ाने और कन्या भ्रूण हत्या रोकने के मुद्दे पर मंथन किया गया।
डॉ. चावला ने कहा कि बेटियों की सुरक्षा और सम्मान केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाजसेवियों, धार्मिक संगठनों और जागरूक नागरिकों की भागीदारी भी जरूरी है। जिला नोडल अधिकारी (पीएनडीटी) डॉ. सचिन मांडले ने एक्ट की जानकारी देते हुए बताया कि गर्भ में पल रहे शिशु का लिंग बताना, पूछना या जांच करवाना पूरी तरह गैरकानूनी है।
बैठक में चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय कुमार, रेडक्रॉस सचिव रामजीलाल और ड्रग कंट्रोल अधिकारी चेतन वर्मा सहित अन्य मौजूद रहे।
कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिए किया जागरूक
राजौंद। उपस्वास्थ्य केंद्र मंडवाल में ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। स्वास्थ्य कार्यकर्ता पंकज और अनिता ने महिलाओं, युवाओं और आमजन को कन्या भ्रूण हत्या रोकने व बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के प्रति जागरूक किया। उन्होंने पीएनडीटी एक्ट की जानकारी देते हुए बताया कि गर्भ में शिशु का लिंग परीक्षण करवाना और करना कानूनन अपराध है। दोषी पाए जाने पर तीन साल तक की सजा और एक लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है। इस दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी मोइन खान ने उच्च रक्तचाप और मधुमेह जैसी बीमारियों के प्रति भी लोगों को जागरूक किया। संवाद