राजौंद। ना मैं चाल सकता, ना मेरी कोए सुनता। 9 महिने हो गए धक्के खाते लेकिन कोई सुनवाई नहीं। ईब तो मेरी गेेल्या आण आले साथ छोड़ गए। प्रधानमंत्री कहते है हम दिव्यांग है लेकिन हमारी सुनने वाला ही कोई नही है। जन्म से पूर्ण विकलांग युवक बलजीत निवासी खेड़ी संदलवाली के यह शब्द प्रधानमंत्री के दिव्यांग की धरातलीय हकीकत को बयान करता है।
सरकार व समाज कल्याण विभाग द्वारा बैंको के माध्यम से पेंशन देने की मुहिम वृद्ध व अशक्तों पर भारी पड़ रही है। बलजीत पिछले नौ माह से समाज कल्याण विभाग के चक्कर काट-काट कर परेशान हो चुका है। परंतु किसी अधिकारी व कर्मचारी ने अशक्त युवक की गुहार नही सुनी। बलजीत ने बताया की जुलाई 2015 में उसे पेंशन मिली थी उसके बाद वह लगातार समाज कल्याण व अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के चक्कर काट रहा है, परंतु कोई भी उसकी परेशानी को नहीं देख रहा है। उसने बताया की वह पेंशन लेने की चाह में अनेकों बार संबधित कार्यालयों के चक्कर काट रहा है। चलने फिरने में असहाय होने के कारण दूसरे सहायक भी साथ जाने से हिचकिचाने लगे हैं।
बलजीत ने बताया बैंकों के माध्यम से पेंशन मिलने की शुरूआत होने से पहले पेंशन हर माह मिल रही थी। परंतु जब से बैंकों से पेंशन वितरण आरंभ हुआ है। उसे पेंशन से वंचित रहना पड़ रहा है। उसने बताया की समाज कल्याण विभाग के कर्मचारी हर बार आश्वासन देकर भेज देते हैं, लेकिन पेंशन नही आती है। उसने बताया कि कभी कर्मचारी पेंशन शीघ्र आने का आश्वासन देते थे वही कर्मचारी पेंशन कटने की बात कह रहे हैं।
जिससे परेशान होकर उसने नौ माह से पेंशन न मिलने की शिकायत सीएम विंडो के माध्यम से मुख्यमंत्री हरियाणा मनोहर लाल खट्टर को भी भेजी है। बलजीत ने मुख्यमंत्री को भेजी अपनी शिकायत में गुहार लगाई है कि पिछले नौ माह से रुकी पेंशन राशि जारी करवाने का कष्ट करे।
इस बारे में जिला समाज कल्याण अधिकारी सत्यवान ढिलोड़ ने बताया की डाकघर में खाता खुलने व अपलोड न हो पाने के कारण यह परेशानी आई है। मई माह में परेशान युवक को पेंशन जारी कर दी जाएगी।