गांव पिलनी में खेत में काम करते समय 23 वर्षीय एक किसान की मौत हो गई। वह सोमवार सांय खेत में कुछ काम से गया था। जहां काम करते समय जहरीली दवा के प्रभाव से उसकी हालत बिगड़ गई। परिजन अस्पताल लेकर गए, जहां पहुंचने पर उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मामले में धारा 174 के तहत कार्रवाई कर शव परिजनों को सौंप दिया है।
मृतक के छोटे भाई वीरेंद्र ने बताया कि उसका भाई 23 वर्षीय टिंकू वैसे तो कैथल अनाज मंडी में मुनीम का काम करता था। लेकिन खेती बाड़ी में भी हाथ बंटाता था। खेत का काम करते समय दवा के प्रभाव से उसकी हालत बिगड़ गई। उपचार के लिए कैथल अस्पताल में ले गए। जहां उसकी मौत हो गई। वीरेंद्र ने बताया कि उन्हें यह पता नहीं चल पाया है कि वहां कौन सी दवा थी। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। जांच अधिकारी प्रवीण ने बताया कि परिजनों की जानकारी के अनुसार धारा 174 के तहत कार्रवाई कर शव परिजनों को सौंप दिया है। परिजनों ने दवा के प्रभाव से मौत की जानकारी दी है। उसी आधार पर कार्रवाई की गई है। दवा कौन सी थी, यह अभी पता नहीं चल पाया है।
कृषि विशेषज्ञ बोले-दवा के प्रयोग के समय सावधानी बरतें किसान
कृषि विज्ञान केंद्र के मुख्य वैज्ञानिक डा. रमेश वर्मा ने कहा कि कई बार खेतों में काम करते समय किसानों के साथ हादसे हो जाते हैं। इसलिए किसानों को दवाओं के छिड़काव के समय सावधानियां बरतें। इसके लिए कुछ बातें हैं, जिनका ध्यान रखना बहुत जरुरी है।
1. जिस दवा पर हरा रंग होता है, वह कम जहरीली होती है। जिस दवा पर लाल रंग दर्शाया होता है, वह अधिक जहरीली होती है।
2. दवा का प्रयोग करने से पहले जहां से खरीदें या फिर कृषि विशेषज्ञों से पूरी जानकारी प्राप्त कर लें। उसी अनुसार दवा का छिड़काव करें।
3. दवा का छिड़काव करते समय मास्क जरूर पहनें।
4. दवा का छिड़काव करते समय हाथों में दस्तानें जरूर पहनें।
5. दवा का छिड़काव करते समय स्प्रे पंप की नोजल घुटनों से नीचे जमीन की ओर रखे।
6. जब भी दवा का छिड़काव करें, यह जांच लें कि हवा की दिशा क्या है। हवा की दिशा के विपरीत कभी भी दवा का छिड़काव नहीं करना चाहिए।