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डॉक्टरों की टीम गांव पहुंची, मुआवजे की मांग

Mon, 02 Jun 2014 12:13 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कैथ्ाल
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सीवन। गांव मस्तगढ़ में कैटल फीड खाने से बीमार हुए पशुओं की जांच करने के लिए डॉक्टरों की एक टीम गांव पहुंची।  गौरतलब है कि शनिवार को फीड खाने से आठ पशुओं की मौत और तेरह पशु बीमार हो गए थे। इस वजह से गांव मस्तगढ़ ही नहीं, बल्कि आसपास के गांवों के किसानों में हड़कंप मचा हुआ है।
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किसान सुखविंन्द्र सिंह ने बताया कि उसके चार दुधारू पशु जहरीला फीड खाने से मर गए। उसने बताया कि जैसे ही पशुओं को फीड दिया गया तो कुछ समय बाद ही पशुओं को दस्त लग गए और इससे पहले की वे डाक्टर को बुलाते पशुओं ने दम तोड़ दिया। इसी प्रकार तरसेम सिंह, मुख्त्यिार सिंह, गुरविन्द्र सिंह, अनूप सिंह व सुरजीत सिंह किसानों ने बताया कि उन्होंने भी फीड अपने पशुओं को दिया तो थोड़ी ही देर में उन्होंने खाना-पीना छोड़ दिया, जिससे पशुओं की मौत हो गई। कैटल फीड एक को-आप्रेटिव सोसाइटी से खरीदा गया था।

किसानों ने लगाया मदद ना मिलने का आरोप
किसानों इस मामले में प्रशासन की ओर से कोई मदद ना मिलने का आरोप लगाया है। हालांकि डिप्टी डायरेक्टर वीरेंद्र सिंह दहिया ने दावा किया कि गांव मस्तगढ़ में बीमार हुए पशुओं के इलाज के लिए आधा दर्जन डाक्टरों की एक टीम गठित की गई है जो कि सरकारी तौर पर वहां पशुओं की देखरेख के साथ-साथ पीड़ित किसानों को हर प्रकार की सुविधा मुहैया करवा रही है।
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मृत पशुओं का मुआवजा मिले : किसान
किसानों ने बताया कि उनके जो पशु अकाल मृत्यु का शिकार हो गए हैं उनकी कीमत लाखों रुपये थी। परंतु सरकारी तौर पर अभी तक किसी भी अधिकारी ने आकर राहत के नाम पर उनको किसी प्रकार का मुआवजा देने की बात नहीं की है।
सरकारी पशु अस्पताल के वीएलडीए कृष्ण कुमार ने बताया कि जिन किसानों के पशु मरे थे। उन सभी का पोस्टमार्टम करवाकर विभाग की ओर से उनके विसरा व खून के सैंपल लेकर लैब में भिजवा दिए गए हैं और उनकी रिपोर्ट आने के बाद ही असली कारणों का खुलासा हो सकेगा।
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