संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। स्वास्थ्य विभाग की ओर से बच्चों को डायरिया से बचाने के लिए विशेष अभियान शुरू किया है। इसके तहत जिले में 30 से अधिक स्वास्थ्य केंद्रों में ओआरएस सेंटर बनाए गए हैं। इसके बावजूद जिले में अब तक डायरिया के 60 केस सामने आ चुके हैं।
डायरिया को लेकर स्वास्थ्य विभाग की तरफ से गांव व वार्डों में टीम का गठन किया गया है। टीम में शामिल हेल्थ वर्कर, आशा वर्कर डोर-टू-डोर सर्वे करते हुए लोगों को डायरिया से बचाव की जानकारी दे रहे हैं। संदिग्ध लोगों के सैंपल भी लिए जा रहे हैं। इसके साथ-साथ बचाव की जानकारी लोगों का दी जा रही है।
गौरतलब है कि अप्रैल से सितंबर माह तक डायरिया का सीजन आता है। इस दौरान विभाग की तरफ से लोगों को बीमारी से बचाव को लेकर जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाता है।
स्वास्थ्य विभाग की तरफ से नागरिक अस्पताल में अलग से वार्ड बनाया गया है। ओपीडी में चिकित्सकों को सतर्क किया गया है।
डायरिया की बीमारी रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से गंभीर है। हर वार्ड व गांव स्तर पर दो से तीन टीमों का गठन किया है। ये टीमें घर-घर जाकर लोगों को डायरिया से बचाव के बारे में जागरूक कर रही हैं। सरकारी अस्पतालों में निशुल्क इलाज व जांच की सुविधा है। लोगों से अपील है कि बीमारी के लक्षण नजर आने पर जिला नागरिक अस्पताल व ग्रामीण क्षेत्र के अस्पतालों में जाकर जांच करवाएं। जांच व इलाज पूरी तरह से निशुल्क है। जहां पर डेंगू के लार्वा मिलते हैं, उन्हें नोटिस दिए जा रहे हैं।
-डा. नीरज मंगला, -जिला मलेरिया अधिकारी
अब तक मिले डायरिया के केस
माह पिछले साल
इस साल
अप्रैल में 90
89
मई में 160
148
जून में 163
170
जुलाई में 72
60 अब तक
ये हैं लक्षण
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बीमार महसूस करना
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उल्टी व दस्त होना
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सिर में दर्द होना व सूजन
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पेट फूलना
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भूख में कमी होना
ऐसे करें बचाव
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तरल पदार्थ ज्यादा से ज्यादा प्रयोग करें।
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ताजा फल खाएं
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कम मसाले वाला भोजन करें।
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दूषित पानी पीने से बचें