धनतेरस के दिन शुक्रवार को बाजारों में खूब धन बरसा। लोगों ने जमकर खरीददारी की। एक मोटे अनुमान के अनुसार अकेले धनतेरस के दिन कैथल 25 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार हुआ है। जिसमें कार, बाइक, आभूषण, बर्तन सहित अन्य सामानों की बिक्री हुई है। लोगों के बाजार में उमड़ी भीड़ का आलम यह था कि सांय के समय बाजार से पैदल निकलने की भी जगह नहीं थी। देर रात तक जमकर खरीददारी की गई।
सर्राफा बाजार में उमड़ी भीड़: सर्राफा बाजार में सुबह से लेकर शाम तक खरीददारों की भीड़ रही। सोने-चांदी के आसमान छूते दामों के बावजूद लोगों ने पर्वों पर पूजा पाठ करने के सोना-चांदी खरीदी। अरुण आभूषण भंडार के संचालक अरुण सर्राफ ने बताया कि धनतेरस पर उनके पास से लोगों ने करीब 50 लाख रुपये के चांदी व सोने के आभूषण खरीदे। उनके पास सुबह ही ग्राहकों की आवाजाही तेज हो गई थी, जो देर रात तक जारी रही।
70 से 80 कारों की बिक्री: जिले की सभी कार एजेंसियों में भी कारों की जमकर बिक्री हुई। लोगों ने धनतेरस के लिए कारों की बुकिंग करवाई हुई थी। जिनकी डिलीवरी धनतेरस के दिन ली गई। ऑटोमोबाइल सेक्टर से एलआर हुंडई के जीएम रोहित कालड़ा ने बताया कि धनतेरस पर 18 गाड़ियों की बिक्री हुई। वहीं एकांश मोटर्स के जीएम सुरेंद्र सिंह ने बताया कि मारूति कंपनी की 35 गाड़ियां पर्व के उपलक्ष्य में लोगों ने खरीदी। इसी प्रकार से गुहला-चीका में भी कार एजेंसियों से कारों की बिक्री हुई।
वहीं करीब 400 से अधिक बाइकें बिकीं। कैथल होंडा के एमडी रवि जेटली ने बताया कि उनकी कैथल, पूंडरी, गुहला व कलायत में स्थित एजेंसियों में से करीब 150 बाइक बिकी हैं। इसी प्रकार से सभी एजेंसियों का मोटे से अनुमान के अनुसार करीब 400 से अधिक बाइकें बिकीं होंगी।
बर्तनों की दुकानों पर उमड़ी रही भीड़: धनतेरस के दिन बर्तन खरीदना भी काफी शुभ माना जाता है। शहर में बर्तनों की दुकानों पर उमड़ी भीड़ के कारण सुबह से लेकर शाम तक जाम की स्थिति बनी रही। लोगों ने चांदी के सिक्के, चांदी की हटड़ी व सोने के गिफ्ट खरीदे। बर्तन विक्रेता रमन ने बताया कि बर्तनों की खरीद सुबह से लेकर दे रात तक जारी रही। ग्रामीण तबके से जुड़े लोगों की संख्या दोपहर के समय दुकानों पर ज्यादा रही।
शहर में बनी रही जाम की स्थिति: शहर के मुख्य बाजार, कमेटी चौक, छात्रावास रोड, नरवानिया बिल्डिंग, भगत सिंह चौक, नौता चौक, पुराना बस स्टैंड, रेलवे गेट और सर्राफा बाजार में भीड़ इतनी ज्यादा रही कि लोगों को वाहन लेकर निकलने में काफी इंतजार करना पड़ा। पार्किंग की व्यवस्था न होने के कारण खरीदारी करने आए लोगों को अपने वाहन बाजार के बाहर ही खड़े करने पड़े। वहीं पुलिस की ओर से भी यातायात को नियंत्रित करने के लिए कर्मचारी तैनात किए गए, बार-बार इन स्थानों पर चक्कर लगाते रहे।
करीब 25 करोड़ से अधिक का कारोबार: एक मोटे अनुमान के अनुसार कैथल में धनतेरस के दिन करीब 25 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ। जिसमें कार, बर्तन, आभूषण, बाइक, क्रॉकरी सहित कई तरह के अन्य त्योहार के सीजन पर खरीदे जाने वाले सामान की बिक्री शामिल है।