संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल, सीवन। शारदीय नवरात्र के तीसरे दिन शनिवार को श्रद्धालुओं ने मां चंद्र घंटा की पूजा-अर्चना की। नवरात्र पर्व को लेकर श्रद्धालुओं की ओर से उपवास रख मां की आराधना की जा रही है। शनिवार को भी शहर के प्राचीन बड़ी देवी, कोठी देवी स्थित छोटी देवी मंदिर सहित अन्य मंदिरों में मां के भक्तों की भारी भीड़ जुटी।
नवरात्र पर्व के तीसरे दिन सीवन के श्री राम मंदिर में सत्संग आयोजित किया गया। इस सत्संग में पंडित विरेंद्र पांडे ने मां की महिमा का बखान किया। पंडित विरेंद्र पांडे ने बताया कि मां चंद्र घंटा माता दुर्गा के नौ रूपों में से एक हैं, जो तीसरा रूप है। उनके इस रूप की पूजा करने से भक्त को अद्भुत शक्ति, साहस, और शांति का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
मां चंद्र घंटा का स्वरूप बहुत ही दिव्य और अद्वितीय है। उनके मस्तक पर आधा चंद्रमा होता है, जो घंटा के आकार का होता है, इसीलिए इन्हें चंद्र घंटा कहा जाता है। इनका वाहन सिंह है और ये दस हाथों में विभिन्न अस्त्र-शस्त्र धारण करती हैं।
यह रूप मां दुर्गा का शांतिपूर्ण और सौम्य, लेकिन रौद्र रूप भी है, जो भक्तों को कष्टों से मुक्ति दिलाने वाला है। कहा कि मां चंद्र घंटा की पूजा करने से साधक को आंतरिक शक्ति और आत्मबल प्राप्त होता है।
उन्हें मानसिक शांति, समृद्धि और सुरक्षा का आशीर्वाद मिलता है। मां चंद्र घंटा को शांति और न्याय की देवी भी माना जाता है, जो अपने भक्तों को भयमुक्त करती हैं और हर प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा को नष्ट करती हैं। उन्होंने कहा कि इस दिन साधक खासतौर पर मां के इस रूप की उपासना करते हैं और उन्हें दूध से बने व्यंजनों का भोग अर्पित करते हैं।
मां चंद्र घंटा की पूजा के लिए साधक श्वेत या लाल रंग के वस्त्र पहनते हैं, क्योंकि ये रंग शांति और ऊर्जा के प्रतीक माने जाते हैं। मां चंद्र घंटा की उपासना से व्यक्ति के जीवन में सुकून, सफलता और साहस का संचार होता है और वह हर प्रकार की बुरी शक्तियों से मुक्त हो जाता है। इस अवसर पर विनेश मेहता, वीना मेहता, राजीव मिढा, राजेंद्र, सन्नी, धीरज, ऊषा, रानी, सोनिका, गीता व अन्य श्रद्धालु मौजूद रहे।