पूंडरी/राजौंद। गांव फतेहपुर स्थित मनसा देवी मंदिर तीन सौ साल से भी अधिक पुराने इतिहास को समेटे हुए है, जहां मां मनसा देवी पिंडी रूप में विराजमान हैं। इस प्राचीन मंदिर में सालभर श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहता है, लेकिन नवरात्रों के दौरान श्रद्धालुओँ की भीड़ बढ़ जाती है।
करीब 30 गांवों के लोग मां मनसा देवी को अपनी कुलदेवी मानते हैं और विशेष श्रद्धा के साथ यहां पूजा-अर्चना करते हैं। नवरात्रों के दौरान मंदिर परिसर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है। सप्तमी और अष्टमी के दिन श्रद्धालुओं की संख्या इतनी अधिक हो जाती है कि मंदिर तक पहुंचने के लिए कई किलोमीटर लंबी कतारें लग जाती हैं। इस दौरान विभिन्न सामाजिक संस्थाओं द्वारा दुर्गा सप्तमी पर विशाल भंडारों का आयोजन भी किया जाता है, जिसमें हजारों श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण करते हैं।
उधर, अष्टमी पर कन्या पूजन के साथ चैत्र नवरात्रों का समापन हो गया। राजौंद क्षेत्र में श्रद्धालुओं ने कन्या पूजन कर व्रतों का समापन किया। सुबह से ही मंदिरों में पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही। श्रद्धालुओं ने छोटी-छोटी कन्याओं को मां दुर्गा का स्वरूप मानकर उनका पूजन किया, उन्हें भोजन करवाया और उपहार भेंट किए। घरों और मंदिरों में पूरे दिन धार्मिक माहौल बना रहा। श्रद्धालुओं का कहना है कि उन्होंने पूरे नवरात्र श्रद्धा के साथ व्रत रखकर माता रानी की पूजा-अर्चना की और अष्टमी पर सुख-शांति व समृद्धि की कामना की।