संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। ज्येष्ठ मास के दूसरे बड़े मंगलवार को शहर के हनुमान मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। सुबह से ही श्रद्धालु बजरंगबली के दर्शन के लिए मंदिरों में पहुंचने लगे। मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और प्रसाद वितरण का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने हनुमान जी के चरणों में शीश नवाकर परिवार की सुख-समृद्धि और मंगलकामना की प्रार्थना की।
शहर की हनुमान वाटिका, 11 रुद्री मंदिर सहित विभिन्न धार्मिक स्थलों पर पूरे दिन श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। कई स्थानों पर भंडारों की व्यवस्था भी की गई। मंदिरों को फूलों और रंग-बिरंगी रोशनी से आकर्षक ढंग से सजाया गया था। धार्मिक वातावरण में दिनभर जय श्रीराम और बजरंगबली के जयघोष गूंजते रहे।
अधिक मास के कारण इस बार आएंगे आठ बड़े मंगलवार
हनुमान वाटिका के पुजारी विशाल ने बताया कि ज्येष्ठ माह के बड़े मंगल का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। इस बार अधिक मास होने के कारण आठ बड़े मंगलवार पड़ रहे हैं और मंगलवार को दूसरा बड़ा मंगल मनाया गया। उन्होंने बताया कि मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से हनुमान जी की पूजा करने से भय, संकट और कष्ट दूर होते हैं तथा जीवन में सुख-शांति आती है।
उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने मंदिर पहुंचकर दान-पुण्य किया, हनुमान चालीसा का पाठ किया और भजन-कीर्तन में भाग लिया। इस दिन हनुमान भगवान को गुड़ और चने का भोग लगाने की परंपरा है। मान्यता है कि इससे बजरंगबली प्रसन्न होकर भक्तों को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं।
सुंदरकांड पाठ और व्रत रखकर की बजरंगबली की आराधना
11 रुद्री मंदिर के पंडित मुनींदर मिश्रा ने बताया कि बड़े मंगल के दिन बजरंगबली की आराधना का विशेष फल प्राप्त होता है। श्रद्धालुओं ने पूरे श्रद्धाभाव से पूजा-अर्चना की और हनुमान जी के भजन गाकर उनका गुणगान किया। मंदिर में सुबह से देर शाम तक श्रद्धालुओं की भीड़ बनी रही।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ज्येष्ठ मास के मंगलवार को बड़े मंगल के रूप में मनाया जाता है। इस दिन हनुमान जी को सिंदूर, चमेली का तेल, लाल चोला और बूंदी का भोग अर्पित करने का विशेष महत्व होता है। कई श्रद्धालुओं ने व्रत रखकर सुंदरकांड और हनुमान चालीसा का पाठ भी किया।
कैथल के करनाल रोड स्थित हनुमान वाटिका में दर्शन के लिए उमड़े श्रद्धालु। संवाद
कैथल के करनाल रोड स्थित हनुमान वाटिका में दर्शन के लिए उमड़े श्रद्धालु। संवाद