कलायत। शिवभक्तों के लिए अत्यंत पावन श्रावण शिवरात्रि का पर्व खंडालवा स्थित प्राचीन शिव मंदिर में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। जलाभिषेक के लिए सुबह चार बजे से लेकर शाम चार बजे तक मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की अपार भीड़ उमड़ पड़ी। पुजारी गोपाल शर्मा ने बताया कि जलाभिषेक का पहला मुहूर्त सुबह 4:15 बजे शुरू हुआ। डाक कांवड़ चढ़ाने के बाद कांवड़ियों ने गंगाजल से भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया। श्रद्धालुओं की भीड़ तड़के से ही मंदिर पहुंचनी शुरू हो गई थी। उन्होंने बताया कि मान्यता है कि यह शिवलिंग पाताल से प्रकट हुआ है। संवाद