कलायत। कस्बे के श्री कपिल मुनि तीर्थ पर सोमवार को गुरु पूर्णिमा पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान तीर्थ पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। उन्होंने कपिल मुनि तीर्थ पर बने सरोवर में डुबकी लगाकर अपने आराध्य की पूजा की। मंदिर परिसर में पुजारी श्याम लाल गौतम ने पूर्णिमा की कथा सुनाई।
उन्होंने कहा कि आषाढ़ शुक्ल पक्ष की गुरु पूर्णिमा का विशेष महत्व है। उन्होंने कहा कि सभी आध्यात्मिक और शैक्षणिक गुरुओं को समर्पित एक परंपरा है। इसे व्यास पूर्णिमा के रूप में भी जाना जाता है क्योंकि यह वेद व्यास के जन्मदिन का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि हिन्दू धर्म में गुरु पूर्णिमा का विशेष महत्व बताया गया है। माना जाता है कि गुरु का स्थान सर्वश्रेष्ठ होता है। गुरु व्यक्ति को अज्ञानता के अंधकार से उबारकर सही रास्ता दिखाता है। तीर्थ पर उमड़ी भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए स्थानीय पुलिस मौजूद रही। भारी गर्मी के मौसम में भी मंदिर परिसर में महिलाएं भजनों पर जमकर नाची। इस दौरान पूजा के लिए आए श्रद्धालुओं ने मेला परिसर में लगी दुकानों से जमकर खरीदारी की।
गुरु पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं की आस्था पर तीर्थ का गंदा जल भारी पड़ा। श्रद्धालुओं ने गंदे जल पर नाराजगी जताई। रामदेई, संतोष, सुनीता, पुष्पा, राजेंद्र कुमार, भवानी व सूबे सिंह ने कहा कि हर पूर्णिमा पर तीर्थ पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। तीर्थ प्रबंधकों को आने वाले श्रद्धालुओं की भावना व आस्था को ध्यान में रखते हुए सरोवर के जल को तो साफ करवाना चाहिए।