70 किलोमीटर पैदल यात्रा कर मां की जोत लेकर गांव पहुंचे श्रद्धालु।
राजौंद। खुरडा गांव के ग्रामीणों ने गांव की सुख-शांति और भाईचारे की कामना को लेकर अनूठी परंपरा निभाई। श्रद्धालु करीब 70 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर मां बन्मेश्वरी मंदिर से जोत लेकर गांव पहुंचे। यह परंपरा पिछले दो वर्षों से लगातार जारी है।
गांव के पूर्व सरपंच कृष्ण कुमार के नेतृत्व में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने यात्रा में भाग लिया। जोत के गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने रास्ते में करीब तीन किलोमीटर तक सड़क की साफ-सफाई कर श्रद्धा प्रकट की। इसके बाद श्रद्धालु जयकारों के साथ गांव में प्रवेश कर पूरे गांव की परिक्रमा करते हुए जोत को मंदिर में स्थापित किया। कृष्ण कुमार ने बताया कि चैत्र नवरात्र से पहले यह यात्रा निकाली जाती है और नवरात्र के दौरान जोत की विधिवत पूजा-अर्चना की जाती है। उन्होंने कहा कि गांव की सुख-शांति के लिए यह परंपरा आगे भी जारी रहेगी। संवाद