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Kaithal News: श्रद्धालुओं ने कपिल तीर्थ में स्नान कर की अपने इष्ट देवों की पूजा

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कपिल मुनि मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
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कलायत। अधिक मास की ज्येष्ठ पूर्णिमा पर कलायत के श्री कपिल मुनि धाम में धार्मिक मेले का आयोजन हुआ। बड़़ी संख्या में दूर दराज से आए श्रद्धालुओं ने कपिल तीर्थ में स्नान कर अपने इष्ट देवों की पूजा की। मंदिर के पुजारी अनिरुद्ध गौतम ने श्रद्धालुओं को पूर्णिमा महात्मय की कथा सुनाई।
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उन्होंने कहा कि हर माह में एक बार पूर्णिमा तिथि आती है। पूर्णिमा शुक्ल पक्ष का आखिरी दिन होता है। शास्त्रों में पूर्णिमा के व्रत का विशेष महत्व माना गया है। पूर्णिमा के दिन लक्ष्मी नारायण के अलावा चंद्रमा की पूजा की जाती है। मान्यता है कि पूर्णिमा व्रत मानसिक कष्टों से मुक्ति दिलाने वाला होता है। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म में पूर्णिमा तिथि का विशेष महत्व माना गया है और इस दौरान गंगा स्नान, मां लक्ष्मी और चंद्र देवता की पूजा करने से सुख-समृद्धि के द्वार खुलते हैं।
अन्य पूर्णिमा तिथि की तुलना में ज्येष्ठ अधिकमास की पूर्णिमा बहुत ही खास होती है क्योंकि यह अधिकमास तीन साल में एक बार आता है। इसलिए ज्येष्ठ अधिकमास पूर्णिमा का फल पाने के लिए भी जातकों को तीन साल का इंतजार करना पड़ता है। धर्म ग्रंथों में भी ज्येष्ठ अधिकमास पूर्णिमा का महत्व बताया गया है। उन्होंने कहा कि कहते हैं कि इस दिन पवित्र नदियों में स्नान व दान करने से जातक को कई गुना अधिक फल मिलता है। साथ ही जीवन में आ रही सभी समस्याएं दूर होती हैं और मां लक्ष्मी के आशीर्वाद से सुख-समृद्धि के द्वार खुलते हैं।
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पंडित विशाल शांडिल्य ने बताया कि जिन लोगों की कुंडली में चंद्रमा की स्थिति कमजोर है या चंद्रमा दूषित है, उनके लिए पूर्णिमा का व्रत काफी पुण्यदायी माना गया है। पूर्णिमा का व्रत चंद्र को मजबूत करता है और इसके दोषों को समाप्त करता है। जो लोग मानसिक रूप से परेशान होते हैं, तनाव में रहते हैं, जल्दी निर्णय नहीं ले पाते और जिन्हें बहुत ज्यादा डर लगता है, उन्हें पूर्णिमा का व्रत रखना चाहिए। इस व्रत से मानसिक परेशानियां दूर होती हैं। वैवाहिक जीवन को बेहतर बनाने के लिए भी पूर्णिमा का व्रत काफी महत्वपूर्ण माना गया है। ये व्रत जीवन से पारिवारिक कलह को दूर करता है और सुखी जीवन प्रदान करता है।
मंदिर परिसर में लगी दुकानों से मेले में आने वाले श्रद्धालुओं ने जमकर खरीदारी भी की और मंदिर परिसर में भजनों पर महिलाएं झूमीं।

तीर्थ के जल व बंदरों के आतंक से श्रद्धालुओं की भावना हुई आहत

कपिल तीर्थ में कपिल मुनि माइनर से जो पानी छोड़ा जाता है, उसमें एक स्थान पर गंदा पानी मिल रहा है जिसके कारण से तीर्थ में आने वाला जल अशुद्ध हो रहा है। इसके अलावा तीर्थ के जल की निकासी का भी कोई प्रबंध न होने के कारण तीर्थ के पानी में दुर्गंध हो जाती है। महिला घाट पूरी तरह से टूटा होने और उस पर बंदरों के कब्जे के कारण से भी महिला श्रद्धालुओं को दिक्कत का सामना करना पड़ा।

कपिल मुनि मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

कपिल मुनि मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

कपिल मुनि मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

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