संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जनस्वास्थ्य विभाग ने अमरुत 2.0 के तहत अब वैध हुईं कॉलोनियों में विकास कार्य कराने के लिए 45 करोड़ रुपये का एस्टीमेट भेजा है। अनुमति मिलते ही इन कॉलोनियों में विकास कार्य शुरू करा दिए जाएंगे। इससे शहर की 12 से अधिक बाहरी कॉलोनियों के 30 हजार लोगों को फायदा होगा।
गौरतलब है कि वर्तमान में यहां जलभराव की समस्या बनी हुई है। इससे इन लोगों को परेशानियां हो रहीं हैं। अनुमति मिलने के बाद नई सीवरेज पाइपलाइन बिछाने का कार्य भी किया जाएगा। शहर में करीब 100 किलोमीटर क्षेत्र में यह लाइन डाली जाएगी।
दो साल पहले ही सरकार की ओर से 20 कॉलोनियों को वैध किया गया था। अमृत योजना के तहत सीवरेज और पेयजल की लाइनें बिछाने का कार्य पहले नगर परिषद के पास था। नगर परिषद की ओर से शहर में नई लाइनें बिछाई गईं। अब पिछले वर्ष से फिर यह कार्य जनस्वास्थ्य विभाग के पास आ गया है।
योजना का उद्देश्य ः भारत सरकार ने कायाकल्प और शहरी परिवर्तन के लिए अटल मिशन (अमृत 2.0) शुरू किया है, जिसका उद्देश्य पानी की आपूर्ति, सीवरेज, शहरी परिवहन, पार्क जैसी बुनियादी नागरिक सुविधाएं प्रदान करना है, ताकि सभी के जीवन की गुणवत्ता में सुधार हो सके, विशेष रूप से गरीबों और वंचितों के लिए।
अमृत प्रोजेक्ट के द्वितीय चरण में होने वाले सभी कार्य विभाग की ओर से किए जाएंगे। इस कार्य को शुरू करने की स्वीकृति कुछ समय पहले ही मिली है। इसके तहत ही अब इन कॉलोनियों में विकास कार्य के लिए करीब 45 करोड़ रुपये का एस्टीमेट भेजा गया है। - प्रशांत कुमार, एक्सईएन, जनस्वास्थ्य विभाग, कैथल।