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Kaithal News: लटके करोड़ों के विकास कार्य, अभी करें इंतजार

Tue, 30 May 2023 01:48 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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कैथल। जिला परिषद की हाउस की बैठक में स्वीकृत साढ़े छह करोड़ रुपये के विकास कार्यों के शुरू होने में अभी समय लगेगा। पिछले साल सरकार द्वारा दी गई यह ग्रांट लंबे समय से खर्च नहीं हो पा रही है।
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गौरतलब है कि भाजपा-जजपा जिला पार्षदों का विवाद खत्म होने पर हुई हाउस की बैठक में आम सहमति से विकास कार्यों के प्रस्ताव पारित कर एस्टीमेट बनवाए गए थे।

अब सीईओ जिला परिषद के तबादले के कारण टेंडर लगाने का काम लटका हुआ है। अभी तक यहां नए जिला परिषद सीईओ ने ज्वाइन नहीं किया है। इसके बाद भी टेंडर प्रक्रिया पूरी करने में दो से तीन माह का समय लग सकता है। इस कारण जिले के 21 वार्डों के लोगों को जिला परिषद के माध्यम से होने वाले विकास कार्यों के लिए इंतजार करना पड़ सकता है। सरकार ने पिछले वित्त वर्ष में करीब साढ़े छह करोड़ रुपये की ग्रांट विकास कार्यों के लिए भेजी थी।
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नवगठित जिला परिषद की पहली ही बैठक में ग्रांट वितरण का अधिकार जिला परिषद के उपाध्यक्ष को दिए जाने पर विवाद हो गया था। मामला मुख्यमंत्री व उप-मुख्यमंत्री तक पहुंचा था।

इसके बाद दोनों पक्षों में आपसी सहमति के बाद मार्च माह में इस ग्रांट को सभी 21 वार्डों में खर्च करने का हाउस की बैठक में प्रस्ताव पारित किया था। करीब दो माह में सभी पार्षदों ने लगभग 10 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों एस्टीमेट दे दिए हैं। इसमें से साढ़े छह करोड़ के विकास स्वीकृत हैं। इसके बावजूद अभी तक टेंडर प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी है।

दूसरी ओर जिला परिषद में कार्यरत कर्मचारी दीपक ने स्वीकार किया कि एस्टीमेट मिले हैं। अभी तक सीईओ जिला परिषद ने ज्वाइन नहीं किया है। उनके ज्वाइनिंग के बाद एस्टीमेट को स्वीकृति मिलेगी। इसके बाद टेंडर लगाए जाएंगे। जिला परिषद अध्यक्ष दीप मलिक जाखौली ने कहा कि अधिकारियों को जल्द से जल्द टेंडर लगाने के लिए कहा गया है। जितना जल्द हो सकेगा, ये टेंडर लगा कार्य पूरे किए जाएंगे।
ये होने हैं विकास कार्य
जिला परिषद द्वारा लगभग साढ़े छह करोड़ के इन विकास कार्यों में स्कूलों में कमरे, पेयजल, चौपाल सहित जिले भर के गांवों के वे जरूरी कार्य हैं, जो तुरंत किए जाने हैं। जिला परिषद अध्यक्ष दीप मलिक जाखौली ने गलियों, नालियों पर अपने वार्ड में पैसा खर्च करने की बजाए शिक्षा व स्वास्थ्य परियोजनाओं के एस्टीमेट बनवाए हैं। इसी प्रकार से कई अन्य पार्षदों ने भी गांवों में स्कूलों, पीएचसी व अन्य जरूरी कार्यों के संबंध में एस्टीमेट बनवाए हैं। जब तक टेंडर नहीं लगते, तब तक ये कार्य पूरे नहीं हो पाएंगे।
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