संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। नगर परिषद के बाद अब हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने शुक्रवार को अतिक्रमण हटाओ अभियान शुरू किया। इसके तहत विभाग ने सेक्टर 21 में जेसीबी ने 10 से ज्यादा निर्माण ध्वस्त किए। इस दौरान तीन से चार झुग्गी झोपड़ियां भी गिराईं। कार्रवाई के दौरान विभागीय अधिकारियों को कई जगहों पर विरोध का भी सामना करना पड़ा।
वहीं, नई अनाज मंडी में बनी श्री कृष्ण गो संरक्षण गोशाला में भी नोटिस के एक महीने का समय पूरा होने के बाद कार्रवाई के लिए पहुंचे, लेकिन यहां पर कुछ और समय का अल्टीमेटम देकर वापस लौटे। इस दौरान प्रधान और विभाग के अधिकारियों के बीच तीखी बहस भी हुई।
इस पूरी कार्रवाई के दौरान नायब तहसीलदार आशीष कुमार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया था। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस बल के साथ हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के जेई रामपाल आर्य आदि अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।
सबसे पहले टीम ने सेक्टर 21 में बने अवैध निर्माण को गिराया। इसके बाद यहां पर बनी झुग्गी झोपड़ियाें से कुछ सामान जब्त किया गया। इसके बाद टीम के सदस्यों ने सेक्टर 21 में ही चीका रोड पर भी अवैध निर्माण गिराने की कार्रवाई की। इस दौरान 10 से अधिक जगहों पर अवैध निर्माण को गिराया गया।
बाद में नई अनाज मंडी में बनी श्री कृष्ण गो संरक्षण धाम गोशाला का अतिक्रमण गिराने के लिए टीम पहुंची। इस गोशाला हटाने जाने के मुद्दे पर पहले ही काफी विवाद चल रहा है। विभाग ने गोशाला संचालकों को एक महीने का नोटिस दिया था, जिसका 30 सितंबर को समय पूरा हो चुका है। इस मामले में विभाग के जेई और प्रधान के बीच हुई तीखी बहस हुई। जब प्रशासन की टीम अपने दल बल के साथ गोशाला में पहुंची तो एक बार सभी तो यह लगा कि गोशाला की जमीन खाली करवाने की कार्रवाई होगी, लेकिन इससे पहले ही प्रशासनिक अधिकारियों को प्रधान के बीच बहस हो गई।
इस बीच यहां पर ड्यूटी मजिस्ट्रेट के रूप में पहुंचे आशीष कुमार ने प्रधान रामफल खुरानियां से कहा कि आपने खेल बना रखा है। इस पर प्रधान ने कहा कि उन्होंने जिला प्रशासन से ही गोमाता की शरण के लिए समय मांगा है। जमीन हम अपने लिए नहीं, बल्कि गोमाता के लिए मांग रहे हैं। इस पर विभाग के जेई रामपाल आर्य ने कहा कि वे एक महीने पहले भी इसी प्रकार से आए थे, उस समय नोटिस चस्पाकर गए थे। अब एक महीने से अधिक का समय बीत गया है। प्रधान ने जवाब में कहा कि वह इसे खाली करने में सक्षम नहीं हैं क्योंकि यहां पर करीब 3800 गोवंश है।
इस पर जेई ने कहा कि अकेले गोशाला संचालकों ने छह एकड़ जमीन को कब्जा रखा है। यहां पर उन्हें 200 करोड़ रुपये से अधिक का फटका लग रहा है। यहां पर सामने बनी दुकानों की बोली भी केवल गोशाला के गोबर के कारण और बदबू आने के कारण नहीं लग पा रही है। आखिर वह कब तक सरकार और प्रशासन का नुकसान ऐसे ही होते रहने देंगे। इस पर जेई ने कहा कि आप तो अपने आप में जिला प्रशासन ही बने बैठे हो न विभाग की सुन रहे और न ही प्रशासन की। आपकी गोशाला को खाली करने की कोई मंशा ही नहीं है।
जेई ने कहा कि मंडी टाउनशिप यहां पर 1967 से कटी हुई है, लेकिन उनकी जमीन अभी तक गोशाला के कारण नहीं बिकी है। दूसरा यहां पर 20 से 30 करोड़ रुपये की कोठियां खरीद कर रहने वाले परेशान हो चुके हैं। अब तो कुछ समय और दे रहे हैं, यदि जल्द ही गोशाला खाली नहीं की तो यहां पर कानूनी रूप से कार्रवाई की जाएगी। विभाग को किसी भी प्रकार से राजस्व का नुकसन नहीं होने दिया जाएगा। उधर, प्रधान रामफल खुरानियां ने कहा कि गोशाला में करीब 3800 गोवंश है। वह एक साल इन गोवंश को शिफ्ट कैसे कर पाएंगे। इसके लिए प्रशासन को लिखित में प्रार्थना पत्र देकर समय मांगा है।
शुक्रवार को आला अधिकारियों के आदेशों पर सेक्टरों में अवैध निर्माण गिराने और झुग्गी झोपड़ियों से सामान जब्त किया है। रामपाल ने बताया कि जींद रोड पर भी विभाग की जगह पर गोशाला संचालक ने अवैध रूप से कब्जा किया है। इसमें दो से तीन बार नोटिस दिए गए हैं। इसके बावजूद इसे खाली नहीं किया जा रहा है। यहां पर एक आदमी ने कब्जा कर रखा है। मॉडल टाउन के लोगों ने भी इसका पुरजोर विरोध किया है। अभी ताे गोशाला संचालक को कुछ दिन का समय दिया है। लेकिन अवैध कब्जे को जरूर हटवाया गया है। रामपाल आर्य, जेई-हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण