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Kaithal News: ठंड के बावजूद मकर संक्रांति पर कपिल मुनि तीर्थ में उमड़े श्रद्धालु

Thu, 15 Jan 2026 01:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कलायत। मकर संक्रांति के पावन पर्व पर कलायत क्षेत्र के पौराणिक श्री कपिल मुनि तीर्थ में श्रद्धा और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। कड़ाके की ठंड और शीतलहर के बावजूद बड़ी संख्या में श्रद्धालु तड़के ही तीर्थ परिसर में

पहुंच गए और पवित्र सरोवर में आस्था की डुबकी लगाई। मान्यता है कि मकर संक्रांति के दिन कपिल मुनि तीर्थ में स्नान करने से गंगासागर स्नान के समान पुण्य की प्राप्ति होती है।
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इस अवसर पर मंदिर परिसर में भगवान श्री कपिल मुनि का पंचामृत के साथ षोडशोपचार स्नान विधिवत रूप से संपन्न कराया गया। श्रद्धालुओं ने दूध, दही, शहद, घी और गंगाजल से भगवान का अभिषेक कर पूजा-अर्चना की तथा चरणामृत ग्रहण किया। इससे पहले मंदिर प्रांगण में हवन-यज्ञ का आयोजन हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने आहुतियां डालकर सुख-समृद्धि और मंगल की कामना की। भक्ति भाव से सराबोर वातावरण में महिलाएं भजनों पर नृत्य करती नजर आईं।

मंदिर के पुजारी अनिरुद्ध गौतम ने बताया कि मकर संक्रांति पर कपिल मुनि तीर्थ का विशेष धार्मिक महत्व है। इस दिन तिल और खिचड़ी का दान करने से विशेष पुण्य फल की प्राप्ति होती है। पूजा-अर्चना के उपरांत श्रद्धालुओं के लिए खिचड़ी, लड्डू और फलों का प्रसाद वितरित किया गया, जिसे श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक

ग्रहण किया।

इसी कड़ी में ढांड क्षेत्र के कपिल मुनि तीर्थ स्थल पर श्री कपिल मुनि तीर्थ एवं देव सुधार सभा कौल की ओर से हवन और विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिला परिषद चेयरमैन कर्मबीर कौल मुख्य यजमान के रूप में उपस्थित रहे। साध्वी वेदप्रियानंद देवी के श्लोकोच्चारण के साथ हवन में आहुतियां डाली गईं।
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कर्मबीर कौल ने कहा कि मकर संक्रांति पर स्नान और दान का विशेष महत्व है। अन्न, तिल, गुड़, वस्त्र और कंबल का दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। उन्होंने विशेष रूप से काले तिल के दान को सूर्य और शनि देव की कृपा प्राप्त करने का माध्यम बताया। उन्होंने कपिल मुनि तीर्थ कौल के प्राचीन इतिहास पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह स्थल भारतीय संस्कृति और दर्शन का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है।

पूरे दिन तीर्थ स्थलों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही। धार्मिक अनुष्ठानों और भंडारों के आयोजनों से माहौल भक्तिमय बना रहा।
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