कुलदीप प्रजापति
कैथल। किसान आंदोलन के कारण एक सप्ताह से इंटरनेट सेवाएं बंद हैं। जिससे जिले में लाखों परिवारों को फरवरी माह का राशन नहीं मिल पाया है। राशन डिपो में पात्र परिवार के सदस्य का ऑनलाइन वेरिफिकेशन होने के बाद ही राशन वितरित किया जाता है। ऑनलाइन बायोमेट्रिक सिस्टम न चलने के कारण राशन उपभोक्ताओं को ये परेशानी हो रही है। खाद्य आपूर्ति विभाग की ओर से बीपीएल व एपीएल श्रेणी में उपभोक्ताओं को राशन मुहैया करवाता है। राशन में उपभोक्ताओं को गेहूं, चीनी, सरसों का तेल इत्यादि उपलब्ध करवाया जाता है। 12 फरवरी से इंटरनेट सेवाएं बंद हो गई थी, जिसके चलते जिले के काफी गांवों में उपभोक्ताओं को राशन नहीं मिला है।
जानकारी के अनुसार जिले में एक लाख 76 हजार 320 परिवार राशन लेने के लिए पात्र हैं। इंटरनेट बंद होने से जहां ऑनलाइन लेनदेन का कार्य ठप पड़ा है, वहीं डिपो संचालक और राशन कार्ड धारकों की भी परेशानी बढ़ गई है। विभाग ने डिपो संचालकों को पर्याप्त मात्रा में राशन भिजवा दिया है, लेकिन वितरण नहीं हो पा रहा है। उधर, कुछ डिपो संचालक ऐसे भी हैं, जो अपने स्तर पर अपने पास लगते किसी दुकान से वाई-फाई जोड़कर जोड़कर राशन वितरण कर रहे हैं। शहर में अमरगढ़ गामड़ी, गुरुतेग बहादुर कॉलोनी व शहर की विभिन्न कॉलोनियों के डिपो संचालकों ने अपने डिपों से दूसरे स्थान पर जाकर वाई फाई से जोड़कर उपभोक्ताओं को राशन की पर्ची दी और बाद में उनको राशन वितरित किया गया।
फोटो नंबर-08
इंटरनेट बंद होने के कारण काफी समस्या आ रही है। डिपो से राशन लेने के लिए दो दिन पहले वाई फाई के जरिये पर्ची कटवाई थी। रविवार को वह लगभग एक किलोमीटर दूर से डिपो पर राशन लेने के पहुंची है। इससे पहले भी वह राशन के लिए कई चक्कर लगा चुकी हैं, लेकिन इंटरनेट न चलने के कारण परेशानी आ रही है।
रिया चोपड़ा, उपभोक्ता।
फोटो नंबर-09
राशन लेने के लिए कई दिनों से चक्कर काट रही हूं। लेकिन डिपो पर इंटरनेट की सुविधा न होने से ऑनलाइन उपभोक्ता सत्यापन वाली मशीन नहीं चल पा रही। रविवार को जब वह राशन लेने पहुंची तो संचालक ने डिपो से कहीं दूर जाकर वाईफाई से मशीन को चलाकर हमें राशन उपलब्ध कराया।
काजल, उपभोक्ता।
फोटो नंबर-10
उपभोक्ता सोनिया ने कहा कि वह कई दिनों से डिपो से राशन लेने के लिए चक्कर काट रही है, लेकिन इंटरनेट न चलने से उसे वापस लौटना पड़ता था। वह एक दिन पहले शनिवार को भी राशन लेने के लिए आई थी, रविवार को डिपो संचालक ने वाईफाई से मशीन को जोड़कर उसे राशन उपलब्ध कराया।
फोटो नंबर-07
जब से किसान आंदोलन चल रहा है। तब से सरकार की ओर से इंटरनेट सेवाएं बंद की गई है। इस कारण से डिपो संचालकों को राशन वितरण करने में परेशानी आ रही है। उपभोक्ता राशन के लिए डिपो के चक्कर काटते रहते हैं। उनकी समस्या को देखते हुए मैंने काफी दूर स्थित एक वाई फाई से मशीन को जोड़ा। दूर होने के कारण उपभोक्ताओं को भी आने जाने में परेशानी थी। बड़ी मुश्किल से उपभोक्ताओं को मनाकर वहां से राशन की पर्ची निकालकर डिपो से सभी को एकत्रित कर राशन वितरित किया। डिपो संचालकों सहित उपभोक्ताओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सरकार जल्द से इंटरनेट सेवाएं बहाल करे, ताकि ऑनलाइन का कार्य सुचारु रूप से चले।
नारायण दास, डिपो संचालक, गुरु तेग बहादुर कॉलोनी, कैथल।
वर्जन
इंटरनेट बंद हाेने से राशन वितरण की प्रणाली पर किसी प्रकार का प्रभाव नहीं पड़ा है। उनके पास कहीं से राशन वितरण को लेकर शिकायत नहीं है। सभी डिपो संचालकों के पास इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध है।
-निशांत राठी, खाद्य आपूर्ति एवं नियंत्रक अधिकारी।