संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। कोरोना महामारी से बचाव को लेकर जिले में अब स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो चुका है। इसके तहत ठंड के प्रकोप के बीच बढ़ रहे वायरल बुखार मरीजों के सैंपलिंग का कार्य शुरू किया गया है। इसके तहत अब इन मरीजों के सैंपलिंग को बढ़ा भी दिया गया है। अब प्रतिदिन 40 से 50 सैंपल लिए जा रहा हैं।
हालांकि राहत की बात यह भी है कि अभी तक लिए गए कोरोना के सैंपलों की रिपोर्ट भी नेगेटिव आई है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि कोरोना महामारी की आहट के बीच बचाव को लेकर राज्य सरकार के आदेशों के तहत सभी हिदायतों का पालन भी शुरू कर दिया गया है।
इसके तहत करीब एक महीने पहले ही स्वास्थ्य कर्मियों को रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने की डोज का टीका भी लगाया गया था। इसके तहत जिला नागरिक अस्पताल में कार्यरत 100 स्वास्थ्य कर्मियों को यह टीका लगाया गया था।
जिले में इस समय कोरोना का नहीं है कोई संक्रमित केस ः जिले में दूसरी राहत की बात यह भी है कि इस समय कोरोना का कोई भी संक्रमित केस नहीं है। जबकि कोरोना महामारी की शुरुआत से अब तक 378 मौतें कोरोना से हो चुकी हैं। वहीं, पूरे जिले में अब तक पांच लाख 58 हजार 889 सैंपल लिए गए हैं। इसमें से 15 हजार 496 लोग पॉजिटिव मिले हैं।
गौरतलब है कि जिले में कोरोना के मरीजों के लिए 450 बेड हैं। इसमें 195 ऑक्सीजन बेड, 42 आईसीयू बेड, 39 वेंटिलेटर, नौ बच्चों के वेंटिलेटर व छह ट्रांसपोर्ट वेंटिलेटर हैं। इसके साथ ही पांच ऑक्सीजन प्लांट है। इसमें चार ऑक्सीजन प्लांट निजी अस्पताल के हैं7 जबकि एक हजार एलपीएम का प्लांट जिला नागरिक अस्पताल में है, जो इस समय चालू नहीं है। 227 ऑक्सीजन कंस्ट्रेटर हैं। 266 डी टाइप सिलिंडर और 471 बी टाइप सिलिंडर हैं।
सिविल सर्जन डॉ. रेनू चावला ने बताया कि कोरोना महामारी से बचाव को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से सतर्क है। इसके तहत जिला नागरिक अस्पताल में कार्यरत सभी स्वास्थ्य कर्मियों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए उनका टीकाकरण भी किया गया है। अब प्रतिदिन 40 से 50 कोरोना के सैंपल लिए जा रहा हैं। राहत की बात है कि अभी तक कोई भी संक्रमित केस नहीं आया है। इसके साथ ही जिले में भी कोई संक्रमित केस अभी तक नहीं मिला है। इस संबंध में स्वास्थ्य कर्मियों को भी विशेष हिदायतें जारी कर सतर्क किया गया है।