सीएम विंडो पर आई शिकायत में लापरवाही बरतने पर तीन अधिकारियों पर गाज गिरी है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल के अतिरिक्त प्रधान सचिव डा. राकेश गुप्ता ने अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के आदेश जारी किए हैं। इन अधिकारियों में कैथल की डीईओ निर्मल तनेजा, पंचकुला नगर निगम के कार्यकारी अधिकारी मनिंद्र सिंह तथा हुडा पंचकुला के भूमि अधिग्रहण कलेक्टर शामिल हैं। इन तीनों अधिकारियों ने मुख्यमंत्री शिकायत निवारण पटल पर प्राप्त शिकायतों के निपटारे में देरी की।
अतिरिक्त प्रधान सचिव लघु सचिवालय स्थित सभागार में अंबाला मंडल के पांचों जिलों कैथल, कुरुक्षेत्र, अंबाला, पंचकुला एवं यमुनानगर के अधिकारियों के साथ केंद्र व राज्य सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। मुख्यमंत्री के ओएसडी भूपेश्वर दयाल, ओएसडी मुकुल कुमार, डीसी रवि प्रकाश गुप्ता, कुरुक्षेत्र डीसी सुमेधा कटारिया, अंबाला डीसी प्रभजोत सिंह, यमुनानगर डीसी डा. एसएस फुलिया के साथ-साथ इन जिलों के एडीसी तथा स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला बाल विकास विभाग के अधिकारी भी बैठक में मौजूद थे। मुख्यमंत्री के ओएसडी भूपेश्वर दयाल ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा मुख्यमंत्री शिकायत निवारण पटल पर प्राप्त हुई शिकायतों के निवारण में लापरवाही बरतनें वाले 70 अधिकारियों के खिलाफ अभी तक कार्रवाई की गई है, जो आगे भी जारी रहेगी।
डॉ. गुप्ता ने कहा कि कैथल के कमहेड़ी गांव के पंचायत सदस्य हरपिन्द्र सिंह पुत्र जय सिंह ने पंचायत चुनाव के दौरान नामांकन भरते हुए शैक्षणिक योग्यता के जो प्रमाण-पत्र संलग्न किए थे, उनकी जांच करवाने के बारे में शिकायत मुख्यमंत्री शिकायत निवारण पटल पर की गई थी। इस शिकायत की जांच करने में जिला शिक्षा अधिकारी कैथल ने 4 माह की देरी की। वहीं पंचकुला के नगर निगम के कार्यकारी अधिकारी मनिंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री शिकायत निवारण पटल पर प्राप्त शिकायत के संदर्भ में की गई कार्रवाई की रिपोर्ट (एटीआर) बिना हस्ताक्षर के अपलोड की थी। इस कारण से इस अधिकारी के खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं। एक अन्य मामले में कैथल में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के पंचकुला के भूमि अधिग्रहण कलेक्टर ने जमीन की निशानदेही करने में अनावश्यक देरी की थी, जिसकी शिकायत मुख्यमंत्री निवारण शिकायत पटल पर की गई थी।
गुप्ता ने कहा कि सीएम मनोहर लाल बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के प्रति पूरी तरह गंभीर हैं। लिंगानुपात में सुधार की दिशा में प्रदेश सरकार के सार्थक प्रयासों के परिणामस्वरूप हम वर्ष 2000 के बाद प्रथम बार प्रदेश का लिंगानुपात 900 से ज्यादा करने में सफल हुए हैं। उन्होंने यमुनानगर के डीसी को कहा कि मुस्तफाबाद में हुई शिशु की मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग द्वारा सुविधाओं में कमी तथा डा. की लापरवाही उजागर हुई है, जो निंदनीय है।
उन्होंने पीएनडीटी एक्ट के संदर्भ में कैथल में दर्ज 22 एफआईआर कार्य की सराहना की। उन्होंने स्कूलों में बेटियों की शिक्षा, आंगनबाड़ी केंद्रों में नियमों के पालन सहित स्कूल छोड़ने वाली लड़कियों व लड़कों को दोबारा स्कूल में प्रवेश दिलाने पर जोर दिया।
बैठक सुबह आठ बजे शुरू हुई थी। जो शाम चार बजे तक चली। इसमें सीएम विंडो, मुख्यमंत्री की घोषणाओं, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ सहित केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं की जिला अनुसार समीक्षा की गई।