कैथल। बारिश का मौसम शुरू होने के बाद डेंगू से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है। इसके तहत जिला नागरिक अस्पताल में डेंगू के मरीजों के लिए अलग से वार्ड बनाया है। हालांकि अभी तक जिले में डेंगू का कोई भी मरीज नहीं आया है। इस वार्ड में शुरुआती चरण में 20 बेड लगाए हैं। इसमें प्रत्येक बेड पर मच्छरदानी लगाई है।
उधर, बारिश के मौसम से पहले ही स्वास्थ्य विभाग ने जून की शुरूआत में ही एंटी लारवा अभियान शुरू कर दिया था। विभाग 28 सक्षम युवाओं के माध्यम से लोगों को जागरूक कर रहा है। इसके साथ ही डेंगू का लारवा भी ढूंढा जा रहा है। लारवे को मारने के दवा का छिडक़ाव किया जा रहा है। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित तालाब में गंबूजिया मछलियां डाली गई हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, डेंगू मामलों की जांच के लिए अब तक तीन एलीजा टेस्ट हुए हैं। राहत की बात है कि यह सभी टेस्ट की रिपोर्ट निगेटिव आई है। विभाग के आंकड़ों के अनुसार पिछले वर्ष पांच साल में सबसे अधिक डेंगू के 1212 संक्रमित केस मिले थे। कार्यकारी सिविल सर्जन डॉ. रेनू चावला ने बताया कि डेंगू बीमारी से बचाव के लिए जिला नागरिक अस्पताल में अलग से डेंगू वार्ड बना दिया गया है। अभी तक जिले में डेंगू का कोई मामला भले नहीं मिला हो लेकिन बचाव के लिए विभाग की तैयारी पूरी है।
ये हैं डेंगू के लक्षण-
मच्छर काटने के कुछ दिन बाद तेज बुखार होना।
शरीर में कमजोरी आना।
प्लेटलेट्स की संख्या कम होना।
सिर दर्द, मांसपेशियों, हड्डियों व जोड़ों में दर्द होना।
लगातार उल्टी आना भी डेंगू के लक्षण है।
पिछले आठ साल में डेंगू के इतने मिले मामले-
वर्ष केस मिले
2014 01
2015 275
2016 421
2017 157
2018 31
2019 06
2020 114
2021 1212
2022 शून्य