संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। बढ़ती ठंड के बावजूद जिले में डेंगू का प्रकोप रुकने का नाम नहीं ले रहा। अब तक 90 मरीज सामने आ चुके हैं, जबकि पिछले वर्ष यह संख्या 77 थी। इसके अलावा तीन चिकनगुनिया और एक मलेरिया का केस भी दर्ज हुआ है। राहत की बात यह रही कि मंगलवार को डेंगू का एक भी नया केस नहीं मिला, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ी हुई है।
डेंगू प्रभावित इलाकों में विभाग ने निगरानी और तेजी से बढ़ा दी है। 930 टीमें डोर-टू-डोर जाकर लोगों को सफाई रखने, पानी जमा न होने देने और मच्छरों से बचाव के उपायों के लिए जागरूक कर रही हैं। मंगलवार को भी घर-घर सर्वे किया गया, लेकिन लगातार जागरूकता के बावजूद नए मरीजों का मिलना संकेत देता है कि लोग अब भी सावधानियां पूरी तरह नहीं बरत रहे।
स्वास्थ्य विभाग मरीजों के नमूने प्रदेश की 27 परीक्षण प्रयोगशालाओं में भेज रहा है और सैंपलिंग प्रक्रिया को तेज किया गया है। शहरी क्षेत्रों में नगर परिषद और ग्रामीण इलाकों में ग्राम पंचायतें हाई-रिस्क एरिया में फॉगिंग करवा रही हैं। टीमों द्वारा लोगों को कूलर, गमले, फ्रिज की ट्रे, छत पर रखे पुराने सामान
और घर के बाहर जमा पानी की नियमित सफाई के लिए प्रेरित किया जा रहा है। जिला स्वास्थ्य विभाग के डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. नीरज मंगला ने बताया कि डेंगू, चिकनगुनिया और मलेरिया से बचाव के लिए लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस सीजन में अब तक डेंगू के 90, चिकनगुनिया के 3 और मलेरिया का 1 केस सामने आया है।